कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को के चेस सेंटर में दिलजीत दोसांझ के हालिया कॉन्सर्ट में खलल पैदा हो गया और कुछ देर के लिए शो रोकना पड़ गया। शो के दौरान एक खालिस्तान प्रदर्शनकारी ने कथित तौर पर सुरक्षा घेरा तोड़कर खालिस्तान का झंडा लिए मंच पर धावा बोल दिया। यह कॉन्सर्ट शहर में दिलजीत के ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ के तहत वीकेंड पर लगातार होने वाले शो के हिस्से के तौर पर आयोजित किया गया था। जिस वक्त खालिस्तान प्रदर्शनकारी ने मंच पर धावा बोला तब सिंगर भी स्टेज पर भी थे। प्रदर्शनकारी अचानक से पीछे आ गया और सिंगर घबराए नजर आए। अब उनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी ने दिलजीत के कॉन्सर्ट में बाधा डाली
कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें दिलजीत को मंच पर नाचते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, जैसे ही उन्होंने एक व्यक्ति को खालिस्तान का झंडा लिए अपने पास नाचते हुए देखा, दिलजीत ने नाचना बंद कर दिया और उससे दूर हट गए। वीडियो में सुरक्षाकर्मियों को उस व्यक्ति को पकड़कर बाहर ले जाते हुए भी दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर चल रहे अन्य वीडियो में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को उस व्यक्ति को हिरासत में लेते हुए देखा जा सकता है। खबरों के मुताबिक, उस व्यक्ति को वेन्यू से बाहर निकाला गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। हाल के महीनों में दोसांझ के विदेशी कॉन्सर्ट में खालिस्तान समर्थकों द्वारा की गई यह पहली ऐसी रुकावट नहीं है। अप्रैल में कनाडा में इसी ‘ऑरा 2026’ टूर के दौरान गायक के कॉन्सर्ट में कथित तौर पर तब बाधा आई जब समर्थकों के एक समूह ने वेन्यू के अंदर खालिस्तान समर्थक नारे लगाए और अलगाववादी झंडे लहराए। खबरों में कहा गया है कि सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें वेन्यू से बाहर निकाल दिया था।
‘बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’
कनाडा में प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके कॉन्सर्ट में बाधा डालने के बाद, दिलजीत ने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ के ज़रिए इस घटना पर बात की। गायक ने पंजाबी में लिखा, ‘बाहर खड़े होकर विरोध करना – कोई भी कर सकता है। लेकिन अगर आप अंदर आकर मेरे प्रशंसकों को परेशान करने की कोशिश करते हैं, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई बैनर या झंडा लाता है तो आमतौर पर इसका मतलब होता है कि वे दिखाना चाहते हैं कि वे कहां से आए हैं और वे मेरा समर्थन करते हैं, लेकिन अगर आप उसी बैनर के साथ बाहर खड़े होकर मेरे प्रशंसकों को गाली दे रहे हैं और फिर अंदर आकर वही काम करने की कोशिश करते हैं तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह किसी बैनर या झंडे के बारे में नहीं है, असली मुद्दा इसके पीछे आपकी नीयत है। मैंने सिक्योरिटी से कहा था कि जो कोई भी प्रोग्राम में गड़बड़ करने की कोशिश करे, उसे पकड़कर बाहर निकाल दिया जाए। मैंने कभी किसी बैनर के खिलाफ कुछ नहीं कहा, इसलिए झूठी बातें न फैलाएं। मैं पिछले साल से इस मुद्दे से बच रहा था, लेकिन अब और नहीं। धन्यवाद। प्यार और शांति।’
विवाद क्यों शुरू हुआ?
अक्टूबर 2025 में दिलजीत KBC 17 में शामिल हुए और होस्ट अमिताभ बच्चन के पैर छुए। बिग बी ने उन्हें ‘पंजाब दा पुत्तर’ कहा और बाढ़ के दौरान उनके राहत कार्यों की तारीफ की। खबरों के मुताबिक एपिसोड के प्रसारण के बाद दिलजीत को खालिस्तान-समर्थक आंदोलन से जुड़े समूह सिख्स फॉर जस्टिस से धमकियां मिली थीं। NDTV के अनुसार SFJ नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने आरोप लगाया था कि अमिताभ के पैर छूकर दिलजीत ने 1984 के सिख नरसंहार के हर पीड़ित, हर विधवा और हर अनाथ का अपमान किया है। उन्होंने दावा किया कि अमिताभ ने 31 अक्टूबर 1984 को ‘खून का बदला खून’ के नारे के साथ भीड़ को सार्वजनिक रूप से उकसाया था। हालांकि अमिताभ बच्चन ने उस समय इन आरोपों से इनकार किया था। KBC एपिसोड के बाद SFJ ने कथित तौर पर दिलजीत के कॉन्सर्ट में बाधा डालने की धमकी दी थी, जिससे उनके कुछ अंतरराष्ट्रीय शो की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।



