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जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न: कलेक्टर ने हर हैंडपंप, बोरवेल एवं सोलर पंप के पास वॉटर रिचार्ज संरचना बनाने के दिए निर्देश

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एमसीबी : कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों, पेयजल योजनाओं, जल संरक्षण गतिविधियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता को सुदृढ़ बनाने संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में भरतपुर, खड़गवां एवं मनेन्द्रगढ़ विकासखंडों में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लक्ष्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन अंतर्गत सीआईआरपी इम्प्लीमेंटेशन प्लान, सोलर संयंत्र स्थापना एवं भुगतान, एकल जल प्रदाय योजनाओं तथा विभिन्न वित्तीय प्रस्तावों का अनुमोदन करते हुए कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों के कारण क्षतिग्रस्त हो रही पेयजल पाइपलाइनों का मामला प्रमुखता से सामने आया। इस पर कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर तत्काल सुधार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण के दौरान जहां भी पेयजल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया गया है, उसकी भरपाई संबंधित ठेकेदार द्वारा की जाएगी। ऐसे मामलों में जिम्मेदार ठेकेदारों को नोटिस जारी करने तथा आवश्यकतानुसार उनकी भुगतान राशि रोकने की कार्रवाई भी की जाए।

कलेक्टर ने जिले में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए सभी हैंडपंपों, बोरवेलों तथा सोलर पंपों के समीप वॉटर रिचार्ज संरचनाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुराने हैंडपंपों का सर्वे कर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने तथा सभी जल स्रोतों के पास रिचार्ज व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि भू-जल स्तर में वृद्धि हो सके और जल स्रोतों की स्थिरता बनी रहे।बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिले के सभी छात्रावासों, हाई स्कूलों, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य शासकीय भवनों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही इन परिसरों में वर्षा जल संचयन एवं वॉटर रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए।

सोलर आधारित पेयजल योजनाओं के बेहतर संचालन और रखरखाव के लिए सभी सोलर पंपों के समीप सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराने तथा स्थानीय युवाओं को सोलर मैकेनिक के रूप में प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होने से योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा और तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।

इसके साथ ही बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यान्वयन सहायता एजेंसी की सेवाओं की समीक्षा की गई तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को भी अभियान से जोड़कर जनभागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई। इसके साथ ही ‘नल जल मित्र कार्यक्रम’ के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर एक-एक व्यक्ति की नियुक्ति के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव को मजबूती मिल सके।हर घर जल प्रमाणित ग्राम पंचायतों में ‘जल अर्पण दिवस’ आयोजित कर ग्रामीण नल-जल योजनाओं को समुदाय एवं ग्राम पंचायतों को औपचारिक रूप से हस्तांतरित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन में समुदाय की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।बैठक के दौरान जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत पुराने एवं अपूर्ण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को उनका लाभ समय पर मिल सके।कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल घर-घर पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि जल स्रोतों का संरक्षण, भू-जल संवर्धन और पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को जल प्रबंधन एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।

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