पीएचसी हाटी के सुपरवाइजर लालजी राठौर पर निजी प्रैक्टिस का आरोप, वीडियो वायरल
अनीता गर्ग अमन पथ ब्यूरो चीफ रायगढ़ /धरमजयगढ़ : सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाला मामला हाटी से सामने आया है। पीएचसी हाटी में सुपरवाइजर के पद पर पदस्थ *लालजी राठौर पर आरोप है कि वे सरकारी ड्यूटी छोड़कर अपने घर में “गुमनाम क्लिनिक” चला रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को पीएचसी हाटी में टीकाकरण की सरकारी ड्यूटी लगी थी। जब मरीज अस्पताल पहुंचे तो स्टाफ ने पहले कहा “राठौर जी टीकाकरण पर गए हैं”। बाद में कहा गया “वे छुट्टी पर हैं”।
लेकिन इसी बीच सुबह 11:10 बजे लालजी राठौर अपने निजी मकान में मरीजों का इलाज करते देखे गए। इसका वीडियो भी बन गया। हैरानी की बात ये है कि वीडियो बनने के 8 मिनट बाद 11:18 बजे उन्होंने व्हाट्सएप पर छुट्टी का आवेदन भेजा।
गंभीर आरोप
1. निजी क्लिनिक: अपने घर में बिना बोर्ड और नाम के क्लिनिक चलाने का आरोप
2. एलोपैथी उपचार: वहां मरीजों को इंजेक्शन लगाने और एलोपैथी दवा देने की बात सामने आई
3. ड्यूटी से गायब: सरकारी समय में अस्पताल/फील्ड में न होकर निजी काम करना
3 बड़े सवाल
1. क्या ये कानूनी है? आयुष सुपरवाइजर को एलोपैथी इंजेक्शन और इलाज की अनुमति है या नहीं? क्लिनिक पंजीकृत है या नहीं?
2. छुट्टी का खेल? अगर छुट्टी पर थे तो आवेदन ड्यूटी के बाद क्यों भेजा गया?
3. निगरानी कहां है? सरकारी ड्यूटी पर भेजे गए कर्मचारी की मॉनिटरिंग स्वास्थ्य विभाग कैसे करता है?
स्थानीय लोगों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है “सरकारी अस्पताल बंद रहता है और डॉक्टर साहब घर पर फीस लेकर इलाज करते हैं। गरीब मरीज कहां जाएं?”
अब पूरे मामले की वीडियो, समय और छुट्टी आवेदन की निष्पक्ष जांच जरूरी हो गई है। अगर आरोप सही हैं तो सख्त कार्रवाई तय है। और अगर गलत हैं तो विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।



