अमेरिका-इजरायल और ईरान में सीजफायर के बाद एक बार फिर वार-पलटवार शुरू हो गया है। अमेरिकन नेवी और एयरफोर्स के फाइटर जेट ने शनिवार देर रात होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में ईरान के आर्मी बेस को ठिकाना बनाया गया। यूएस आर्मी का ये हमला ईरान की तरफ से ऑयल टैंकर M/T किकू पर किए गए ड्रोन हमले का पलटवार है।
अमेरिका ने दिया ईरान के ड्रोन हमले का जवाब
U.S. Central Command ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘M/T Kiku पर ईरान के ड्रोन हमले के जवाब में, U.S. नेवी और एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आस-पास कई जगहों पर ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले किए।’
ऐसा ना हो कि खत्म हो जाए ईरान का अस्तित्व- ट्रंप
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘अमेरिका के विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोर करने के ठिकानों और तटीय रडार साइटों पर अटैक किया है, क्योंकि उन्होंने एक बार फिर सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया है। बहुत मुमकिन है कि वे कभी नहीं सीखेंगे! एक वक्त ऐसा आ सकता है जब हम और समझदारी से काम न ले पाएं, और हमें उस काम को मिलिट्री के जरिए पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े जिसे हमने बहुत कामयाबी से शुरू किया था। अगर ऐसा हुआ, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा!’
बौखलाए ईरान ने भी किया जबरदस्त पलटवार
वहीं, अमेरिकी हमले के बाद बौखलाए ईरान ने भी जबरदस्त पलटवार किया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में US के 8 सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इसमें कुवैत में अली अल सलेम एयरबेस और बहरीन में अमेरिका के पांचवें बेड़े पर हमला शामिल है। IRGC का यह एक्शन ईरानी सैन्य ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमले के बाद हुआ है।
पीस डील को खतरे में डाल सकता है युद्धविराम का उल्लंघन- ईरान
साथ ही, ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि युद्धविराम का उल्लंघन पीस डील को खतरे में डाल सकता है। उधर, ईरानी हमले को लेकर अब कुवैत अलर्ट मोड में है। कुवैत की सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। सेना ने कहा है कि मुल्क को मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हमने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है।



