Home छत्तीसगढ़ आईएमए ने मनाया डॉक्टर्स डे, सरकार के समक्ष रखी दो प्रमुख मांगे

आईएमए ने मनाया डॉक्टर्स डे, सरकार के समक्ष रखी दो प्रमुख मांगे

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चिकित्सक दिवस पर आयोजित किया स्वास्थ्य शिविर मरीजों को बाटे फल

महासमुंद : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन महासमुंद ने बुधवार को डॉक्टर्स डे पर स्वास्थ्य शिविर, फल वितरण और ‘प्रोफेशनल एक्सीलेंसी अवार्ड’ के साथ वरिष्ठ डॉक्टरों का सम्मान कर डॉक्टर्स डे मनाया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एच.बी. कालिकोटी ने बताया कि डॉक्टर्स डे के अवसर पर में सेवा कार्यों के साथ मरीजों का फ्री हेल्थ चेकअप और फल वितरण किया गया। शिविर में विशेष रूप से महिलाओं में होने वाली हड्डियों की समस्याओं की पहचान के लिए ‘बोन डेंसिटोमेट्री’ जांच की गई। इसके साथ ही पीड़ित महिलाओं व मरीजों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयाँ और परामर्श दिया गया। आईएमए के सदस्यों द्वारा स्थानीय वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्गों के साथ भोजन और फल वितरित किया। अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को भी फल वितरण किया गया। एसोसिएशन द्वारा शहर में चिकित्सा के क्षेत्र में लंबी सेवाएं देने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों का शॉल व श्रीफल से सम्मान किया गया। इसमें डॉ. मेमन, डॉ. घनश्याम चंद्राकर, डॉ. गिरधारी चंद्राकर, डॉ. एन के मंडपे, डॉ. अल्का परदल, डॉ. एच एस गुरुदत्ता डॉ. रमणिक कौर गुरुदत्ता शामिल रहे।

डॉ हरजोत को मिला एक्सीलेंसी अवार्ड
एसोसिएशन ने इस वर्ष से एक नई और सराहनीय परंपरा की शुरुआत की है। इसके तहत शहर में नई प्रैक्टिस शुरू करने वाले उन युवा डॉक्टरों को सम्मानित किया गया जो पूरी ईमानदारी, लगन और प्रैक्टिस के साथ मरीजों की सेवा कर रहे हैं। इस वर्ष इस गरिमामयी प्रोफेशनल एक्सीलेंसी अवार्ड’ डॉ. हरजोत सिंह गुरुदत्ता को दिया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ कालीकोटी ने वार्षिक रिपोर्ट कार्ड में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन द्वारा एक वर्ष में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और चिकित्सीय गतिविधियां आयोजित की गई है।

डॉक्टरों की समस्याओं से सरकार को कराया अवगत
एसोसिएशन ने सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा और नर्सिंग होम एक्ट नियम सरल बनाने की मांग रखी। अध्यक्ष डॉ. कालीकोटी ने डॉक्टरों के सामने आ रही गंभीर समस्याओं से सरकार का ध्यान आकर्षित कराया। आईएमए ने सरकार के समक्षदो प्रमुख मांगें रखीं। 1अस्पतालों को ‘सेफ व साइलेंस जोन’ घोषित किया जाए, डॉक्टरों की सुरक्षा सबसे अहम है। अस्पतालों में डॉक्टरों को डराने-धमकाने और बेवजह की नेतागिरी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। सरकार ऐसा सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करे ताकि डॉक्टर बिना किसी डर के, निडर होकर मरीजों का इलाज कर सकें। 2 वर्तमान में नर्सिंग होम एक्ट के तहत छोटी-छोटी तकनीकी चीजों के लिए डॉक्टरों को मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। आईएमए की मांग है कि ‘हॉस्पिटल रजिस्ट्रेशन एक्ट’ के नियमों को सरल और व्यावहारिक बनाया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा न आए।

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