योग शब्द पुरातन ग्रंथों ब्रह्म वाक्य-मुन्ना लाल
मनेद्रगढ़ : योग एवं प्राणायाम के प्रबल पक्षधर एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य मुन्नालाल श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य में , सरस्वती शिशु मंदिर के योग प्रांगण में पतंजलि योग सेवा समिति द्वारा, दैनिक योग अभ्यास क्रम का कुशल प्रदर्शन किया गया।लगभग 40 वर्षों तक अनुकरणीय शासकीय सेवा के उपरांत सामाजिक रूप से सक्रिय वरिष्ठ योग साधक मुन्ना लाल श्रीवास्तव का स्वागत ,योग समिति की ओर से वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने किया।, योग सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय अग्रवाल के कार्यकाल पर समस्त योग साधकों ने अपनी शुभकामनाएं अर्पित की एवं छत्तीसगढ़ योग आयोग के द्वारा निर्धारित अभ्यास क्रम में गायत्री महामंत्र ,महामृत्युंजय मंत्र ,संकल्प मंत्र ,प्रार्थना मंत्र एवं सहज व्यायाम से योग सत्र का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि मुन्नालाल श्रीवास्तव ने योग को संपूर्ण विज्ञान , संपूर्ण जीवन शैली एवं चिकित्सा पद्धति बताते हुए योग की महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि चिंतक, बैरागी ,अभ्यासी ब्रह्मचारी गृहस्थ कोई भी योग का सानिध्य प्राप्त कर लाभान्वित हो सकता है। सरस्वती शिशु मंदिर के नियमित योग कक्षा की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि मनेद्रगढ़ में यह सुविधा आम आदमी के स्वस्थ जीवन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पतंजलि योग समिति के योग साधकों से एक मुलाकात के दौरान श्रीवास्तव ने कहा कि योग केवल कंदराओं में जीवन जीने वाले वैरागियों तपस्वियों और योगाभ्यासियों की विद्या नहीं है बल्कि यह जन सामान्य के लिए भी सहज और साध्य है। अपने दीर्घ अनुभव एवं योग के पौराणिक महत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने योग शब्द को वेदों उपनिषदों गीता एवं पुराणों आदि का ब्रह्म वाक्य बतलाया। उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन में योग एक अति महत्वपूर्ण शब्द है जिसमें आत्म दर्शन एवं समाधि से लेकर कर्म क्षेत्र तक योग का व्यापक व्यवहार हमारे पुरातन शास्त्रों में उल्लेखित है।
सेवानिवृत प्राचार्य की उपस्थिति में , उस योग साधकों ने सूक्ष्म व्यायाम पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसन, प्राणायामों में भस्त्रिका, कपालभाति ,बाह्य -प्राणायाम ,अग्निसार ,उज्जायी एवं कर्ण रोगांतक प्राणायाम को शामिल किया। अंत में उन्होंने योग समिति के संसाधन विकास एवं योग के विस्तार के लिए आगंतुक , वरिष्ठ योग साधकों एवं शारीरिक रूप से अक्षम योग साधकों की कुर्सी हेतु लिए सहयोग भी प्रदान किया।
इस अवसर पर महिला योग प्रभारी बलबीर कौर, पिंकी सलूजा, मनीष कुमार गुप्ता, भैरव केसरवानी दिवाकर मिश्र, पवन कुमार पोद्दार विकास कुमार गोयल, गंगा भोजवानी मनोज कुमार भोजवानी कैलाश दुबे, नीलम दुबे कृष्णकांत ताम्रकार, सुनील कुमार गुप्ता ( पिंटू), विनोद कुमार सोनी, सुधा पोद्दार, आदि नियमित योग साधक उपस्थित थे।
योग एवं प्राणायाम सत्र का समापन शांति पाठ एवं भारत माता की जय के उद्घोष से किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने किया।



