मृतकों को 10 व घायलों को 5 लाख देने की घोषणा
अनूपपुर : कर्नाटक प्रांत की एक ग्रेनाइट खदान में चट्टान धंसने से हुई आकस्मिक हृदयविदारक दुर्घटना में अनूपपुर जिले के 2 श्रमिकों के असामयिक निधन पर जिला प्रशासन ने गहरा शोक व चिंता व्यक्त की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटना में जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत सेमरवार (वार्ड नंबर 9) निवासी 36 वर्षीय श्री भुवनेश्वर सिंह गोंड एवं ग्राम पंचायत सिंधौरा निवासी 22 वर्षीय श्री राजेश कुमार चौधरी दुर्घटना में प्रभावित हुए है।
उक्त घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दोनों दिवंगतो के पार्थिव देह को पूर्ण ससम्मान और सुरक्षित रूप से उनके गृह ग्राम वापस लाने तथा दुर्घटना से प्रभावित छोटेलाल एवं गुलाब सिंह के समुचित इलाज व देखभाल के लिए तत्परता से प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों की स्थिति सामान्य बताई गई है। कलेक्टर अनूपपुर कर्नाटक के स्थानीय प्रशासन, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से निरंतर संपर्क रखकर समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने आश्वस्त किया है कि दिवंगत श्रमिकों के पार्थिव शरीरों को शीघ्र गृह जिला लाने और घायल श्रमिकों को हर संभव चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के साथ पूरी की जा रही हैं।
खदान में लगभग 16 मजदूर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान करीब 40 फीट ऊंचाई से एक विशाल ग्रेनाइट चट्टान अचानक नीचे आ गिरी। चट्टान की चपेट में आने से कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर मौजूद लोडिंग वाहन और ट्रैक्टर भी चट्टान की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मृतकों और घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया। घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
डीआईजी एस. गिरीश के अनुसार, खदान के ऊपरी और निचले हिस्से में दो क्रेशर संचालित हो रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऊपरी हिस्से में ड्रिलिंग के दौरान विशाल ग्रेनाइट चट्टान खिसककर नीचे गिर गई, जिससे नीचे कार्य कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। हादसे में पांच मजदूर घायल हुए, जबकि चार मजदूर सुरक्षित बच निकले।
हादसे के बाद कर्नाटक सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार हादसा ब्लास्टिंग से नहीं, बल्कि चट्टान खिसकने अथवा मिट्टी धंसने के कारण हुआ है। वहीं, मंत्री प्रियंक खड़गे ने प्रथम दृष्टया लापरवाही की आशंका जताते हुए खान एवं भूविज्ञान विभाग तथा गृह विभाग को संयुक्त जांच के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने खदान को अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने के आदेश दिए हैं। दुर्घटना में घायल जिले के अन्य दो श्रमिक की स्थिति सामान्य उपचार उपरांत किए गए डिस्चार्ज
खदान संचालक ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये तथा घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है।



