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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 14 या 15 जुलाई,कब से है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि….

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हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. जहां चैत्र और शारदीय नवरात्रि पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती हैं, वहीं आषाढ़ और माघ महीने में आने वाली गुप्त नवरात्रि साधना, मंत्र सिद्धि और मां दुर्गा की विशेष उपासना के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. हर साल गुप्त नवरात्रि की शुरुआत को लेकर लोगों के मन में तिथि को लेकर भ्रम रहता है. इस बार भी कई लोग जानना चाहते हैं कि आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 14 जुलाई से शुरू होगी या 15 जुलाई से? आइए जानते हैं पंचांग के अनुसार सही तिथि, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि.

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी:- आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी और 15 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी. हिंदू धर्म में अधिकांश व्रत और पर्व उदया तिथि के आधार पर मनाए जाते हैं. ऐसे में प्रतिपदा तिथि 15 जुलाई को सूर्योदय के समय विद्यमान रहेगी. इसलिए आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 15 जुलाई 2026, बुधवार से होगी.

गुप्त नवरात्रि में ऐसे करें घटस्थापना:- गुप्त नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान कर साफ और स्वच्छ कपड़े पहनें. पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें और उत्तर-पूर्व दिशा में लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं. इसके बाद मिट्टी से भरे पात्र में जौ बोएं और उसके ऊपर जल से भरा कलश स्थापित करें. कलश में आम के पत्ते रखें और ऊपर नारियल स्थापित करें. फिर मां दुर्गा का ध्यान करते हुए विधि-विधान से पूजा करें. पूजा के दौरान दीपक जलाएं, फूल, अक्षत, रोली, चंदन और फल अर्पित करें. इसके बाद दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या देवी कवच का पाठ करें. आखिर में मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें.

गुप्त नवरात्रि में किन बातों का रखें ध्यान:- गुप्त नवरात्रि के दौरान सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है. घर में स्वच्छता बनाए रखें और क्रोध, विवाद तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहें. यदि व्रत रख रहे हैं तो पूरे नियम और श्रद्धा के साथ उसका पालन करें. इन नौ दिनों में दान-पुण्य और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है.

गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व:- गुप्त नवरात्रि को सामान्य नवरात्रि की तुलना में अधिक रहस्यमयी और साधना प्रधान माना जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के साथ-साथ कई साधक दशमहाविद्याओं की उपासना भी करते हैं. तंत्र-मंत्र, आध्यात्मिक साधना और विशेष सिद्धियों को पाने के लिए भी यह समय बहुत ही शुभ माना गया है. हालांकि आम श्रद्धालु भी इन नौ दिनों में मां दुर्गा की श्रद्धापूर्वक पूजा, व्रत और पाठ करके सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

1.घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे तक

2. कुल शुभ अवधि: 4 घंटे 36 मिनट

धार्मिक मान्यता है कि इसी शुभ समय में कलश स्थापना करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और नौ दिनों की पूजा का पूरा फल मिलता है.

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