प्रस्तावित चूना पत्थर (गौण खनिज) खदान का ग्रामीणों ने जनसुनवाई में सौंपा आपत्ति पत्र

ब्लास्टिंग से जलस्तर, पर्यावरण और जनजीवन पर खतरे की आशंका; अनुमति निरस्त करने की मांग
अमन पथ न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू :दुर्ग जिले के ग्राम ढौर में प्रस्तावित चूना पत्थर (गौण खनिज) खदान का ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान आपत्ति पत्र सौंपा हैं।
गिट्टी खदान के लिए ब्लास्टिंग एवं खुदाई की अनुमति को लेकर आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जनसुनवाई, दुर्ग को ज्ञापन सौंपते हुए विक्रांत देवांगन को खदान संचालन की अनुमति नहीं देने की मांग की हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले से संचालित खदानें 100 से 150 फीट से अधिक गहरी हो चुकी हैं, जिसके कारण भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इससे ग्राम ढौर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और भविष्य में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
ज्ञापन में बताया गया कि खदानों में होने वाली ब्लास्टिंग से कई मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे घरों के क्षतिग्रस्त होने और जनहानि का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खदान एवं क्रशर से निकलने वाली धूल (डस्ट) के कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। हवा में फैलने वाले धूलकणों से लोगों को श्वास संबंधी बीमारियों सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन के अनुसार प्रस्तावित खदान सेलूद–ढौर चौक से भिलाई मुख्य मार्ग के लगभग 100 मीटर के भीतर स्थित है। ऐसे में ब्लास्टिंग के दौरान आवागमन बाधित होने के साथ-साथ जान-माल की हानि की आशंका भी बनी रहेगी।
ग्रामीणों ने कहा कि ब्लास्टिंग से उड़ने वाली धूल एवं पत्थरों के टुकड़ों से आसपास की कृषि भूमि प्रभावित होगी, जिससे फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। साथ ही खदान चारागाह एवं गौठान के समीप होने के कारण पशुओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। खदान से निकलने वाले डस्ट के कारण फसलों को भी नुकसान हो रहा है। वहीं पर किसानों का धान खरीदी केंद्र खुलने वाला है इससे किसानों को भी दिक्कत आएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि खदान के समीप स्थित सार्वजनिक तालाब एवं डेम के जलचर, मछलियां और अन्य जीव-जंतु भी प्रदूषण से प्रभावित होंगे। इसलिए पर्यावरण और जनहित को देखते हुए प्रस्तावित खदान को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
बता दे लाइम स्टोन खुदाई के लिए खसरा क्रमांक 811, 812, 813/1, 813/2, 814, 816/1, 816/2, 816/3,816/4, 816/5, 816/6, 817/1, 818 एवं 821/2, कुल क्षेत्रफल 3.08 हेक्टेयर में प्रस्तावित चूना पत्थर (गौण खनिज) उत्खनन क्षमता- 1,05, 450 टन प्रतिवर्ष के पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोक सुनवाई हुई हैं।जिसमें अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया ग्रामीणों का कहना है हर हालत में यह खदान नहीं खुलने देंगे चाहे हमको क्यों न न्यायालय की शरण में जाना पड़े।
इस दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष गुरु केवल प्रकाश साहेब, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष किशन साहू, उप सरपंच श्यामू यादव,पदुम, योगेश, धर्मेंद्र, रामरतन, प्रताप, रेवाराम, पंच हीरावती साहू, पद्मिनी, योगेश्वर यादव, परमानंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



