उत्तर प्रदेश के अयोध्या के श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जांच और कार्रवाई का दौर लगातार जारी है। इस घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। दूसरी ओर अयोध्या पुलिस और SIT की टीम लगातार जांच को आगे बढ़ा रही है। इस बीच राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने पूछताछ में चढ़ावा चोरी की प्लानिंग, इस काम की जिम्मेदारी आदि के बारे में काफी जानकारी दी है। आइए जानते हैं कि आरोपियों ने क्या कुछ बताया है।
ड्यूटी पर जाने से पहले रोल तय
सूत्रों की माने तो सभी आरोपी संगठित तरीके से चंदे की चोरी को अंजाम देते थे। ड्यूटी पर जाने से पहले सभी का रोल तय हो जाता था। सुबह ही फोन पर चोरी की प्लानिंग हो जाती थी। नोट उड़ाने से लेकर कैमरे के फोकस पर कौन खड़ा होगा- सब कुछ पहले से तय होता था। बरामद CCTV फुटेज ने भी आरोपियों के कबूलनामे की तस्दीक की है। कभी अविनाश तो कभी मनीष कई बार नोटों को सीधा करते वक़्त उन्हें कपड़ो में छिपाते दिखे हैं। बाकी आरोपी जैसे अनुकल्प, करुणेश, लवकुश व अन्य चोरी के वक्त कैमरे के सामने खड़े दिखाई दिए ताकि रिकॉर्ड ना हो सके।
70 बार कैमरे में चोरी करते दिखे आरोपी
जानकारी के अनुसार, चोरी के पैसे का हिस्सा बराबर होता था लेकिन कभी-कभी अविनाश सबसे बड़ा हिस्सा रखता था। SIT रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी करीब 70 बार कैमरे में चोरी करते दिखे हैं। अविनाश और मनीष का चेहरा भी चोरी के वक्त सबसे ज़्यादा बार सीसीटीवी में देखा गया है। डिलीट की गई फुटेज के लेकर पुलिस को शक है कि CCTV कंट्रोल रूम तक आरोपियों का एक्सेस था।
टिन्नू और सुभाष को रिमांड पर लेगी पुलिस
CCTV फुटेज में कई बार सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव भी चोरी के वक़्त वहां मौजूद दिखे हैं। लिहाजा रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी कि क्या उन्हें उस दौरान हो रही चोरी की जानकारी थी? उनका इस संगठित अपराध में किस तरह का रोल था? आपको बता दें कि टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव की पुलिस रिमांड की अर्जी पर 14 जुलाई को सुनवाई है। आपको बता दें कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में 8 आरोपियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है।



