- 11 से 18 जुलाई तक जिले भर में चलेगा विशेष जनजागरूकता अभियान
- मातृ-शिशु स्वास्थ्य और परिवार नियोजन के साधनों पर रहेगा विशेष जोर
एमसीबी।13 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार,मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा (11 से 18 जुलाई 2026) का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे द्वारा 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ परिसर से एक विशेष जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ जिले के सुदूर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को छोटे परिवार और स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति इस गौरवपूर्ण अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी, डॉ. नम्रता चक्रवर्ती, सुश्री लक्ष्मी रजक, जिला लेखा प्रबंधक रविन्द्र सिंह, और विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक सुलेमान खान विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके साथ ही सिविल अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी इस अभियान को गति देने के लिए शामिल हुए।
“जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल”
जागरूकता रथ को रवाना करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के संतुलित विकास और हर परिवार की खुशहाली के लिए बेहद आवश्यक कदम है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभियान की मुख्य थीम “जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल” रखी गई है। दो बच्चों के जन्म के बीच सही अंतराल रखने से न केवल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है, बल्कि माता और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
सभी शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क मिलेंगी सेवाएँ
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 से 18 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के दौरान जिले के सभी प्राथमिक, सामुदायिक और जिला स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों में परिवार नियोजन से जुड़ी सेवाएँ पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाएँगी।
अभियान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं स्थायी साधन- इच्छुक और योग्य दंपत्तियों के लिए पुरुष एवं महिला नसबंदी की निःशुल्क व्यवस्था। अस्थायी साधन- कॉपर-टी (PPIUCD/PAIUCD), अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली, और कंडोम का निःशुल्क वितरण। परामर्श केंद्र – सभी स्वास्थ्य संस्थानों में योग्य काउंसलर्स द्वारा योग्य दंपत्तियों को परिवार कल्याण के तरीकों की सही जानकारी दी जाएगी। मैदानी अमले की भूमिका एएनएम (RHO), मितानीन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर योग्य दंपत्तियों से संपर्क साधेंगी।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने का संकल्प
अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने बताया कि 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित जाँच (ANC), सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशुओं की समय पर देखभाल के प्रति भी जागरूकता फैलाई जाएगी ताकि समाज को आर्थिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने एमसीबी जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार शासकीय अस्पतालों में आकर इन सेवाओं का लाभ उठाएँ और एक समृद्ध समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता दर्ज करें।दंपत्तियों के लिए पुरुष एवं महिला नसबंदी की निःशुल्क व्यवस्था।



