हर प्राचार्य बनाए कार्ययोजना, सभी शिक्षक समर्पण के साथ करें शिक्षण कार्य…..कलेक्टर संतन देवी जांगड़े
त्रैमासिक परीक्षा परिणामों पर रहेगी कलेक्टर की विशेष निगरानी, हर विद्यालय की होगी नियमित समीक्षा
एमसीबी : आगामी बोर्ड परीक्षा 2027 में जिले के विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर बनाने तथा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों वाले जिलों में शामिल करने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए व्यापक, परिणामोन्मुख एवं चरणबद्ध कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, जिला शिक्षा अधिकारी रविकांत यादव सहित जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम सुधारना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता को पहचानकर उसे आगे बढ़ाना है। उन्होंने सभी प्राचार्यों, शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करते हुए विद्यालयवार रणनीति तैयार करने तथा प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
त्रैमासिक परीक्षा पर रहेगी कलेक्टर की विशेष निगरानी, विद्यालयों की होगी नियमित मॉनिटरिंग कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर प्रत्येक विद्यालय में साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। जिन विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम लगातार कमजोर रहा है, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा विद्यालयवार सुधार योजना तैयार कर परिणाम बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। प्रत्येक प्राचार्य अपने विद्यालय की अलग कार्ययोजना तैयार करेंगे तथा प्रत्येक शिक्षक विषयवार लक्ष्य निर्धारित कर नियमित प्रगति की समीक्षा करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी को सभी शिक्षकों से विषयवार कार्ययोजना तैयार कराने और उसकी निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के पालकों से निरंतर संपर्क किया जाए और उन्हें बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। पालक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति साझा करने तथा अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों का होगा तीन श्रेणियों में वर्गीकरण
बोर्ड परीक्षा परिणामों में गुणात्मक सुधार के लिए विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर ग्रीन, येलो एवं रेड जोन में विभाजित किया जाएगा। ग्रीन जोन में ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा जिनमें जिला एवं राज्य मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने की क्षमता है। येलो जोन में ऐसे विद्यार्थी होंगे जिन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन के माध्यम से प्रथम श्रेणी तक पहुंचाया जा सकता है। वहीं रेड जोन में 33 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले अथवा स्लो लर्नर विद्यार्थियों को रखा जाएगा। तीनों श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाकर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल क्लास और कठिन विषयों पर विशेष फोकस
रेड जोन के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय समय के बाद अथवा अतिरिक्त समय में नियमित रेमेडियल कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों की मूलभूत अवधारणाओं को मजबूत किया जाएगा तथा विषयवार कठिनाइयों का समाधान कराया जाएगा। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, भौतिकी, रसायन शास्त्र एवं लेखाशास्त्र जैसे कठिन विषयों के लिए विशेष कॉन्सेप्ट क्लियरिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे तथा संभावित कठिन प्रश्नों का नियमित अभ्यास कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हो सकें।
औसत विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी और मेधावियों को मेरिट तक पहुंचाने की रणनीति
येलो जोन के विद्यार्थियों के लिए उत्तर लेखन, समय प्रबंधन, प्रस्तुतीकरण एवं लेखन कौशल पर विशेष कार्य किया जाएगा। सप्ताह में कम से कम दो दिन शुद्ध लेखन, उत्तर लेखन एवं सुलेख का अभ्यास कराया जाएगा ताकि उत्तर पुस्तिका की गुणवत्ता बेहतर हो सके। वहीं ग्रीन जोन के विद्यार्थियों के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा विशेष मार्गदर्शन कक्षाएं, अतिरिक्त अभ्यास, मॉडल टेस्ट एवं व्यक्तिगत मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाएगी। पूर्व वर्षों में मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का अध्ययन कराकर उत्कृष्ट उत्तर लेखन शैली से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया जाएगा।
मासिक टेस्ट, पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने और लर्निंग गैप दूर करने पर विशेष जोर
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विद्यालय में प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से इकाई परीक्षण आयोजित किए जाएंगे तथा परिणामों का विश्लेषण कर विद्यार्थियों और पालकों को जानकारी दी जाएगी। त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद विषयवार समीक्षा कर सुधारात्मक रणनीति तैयार की जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में दिनवार एवं माहवार शिक्षण पंचांग लागू किया जाएगा तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं का संपूर्ण पाठ्यक्रम हर हाल में 30 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन भी किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को पुनरावृत्ति एवं मॉडल प्रश्नपत्रों के अभ्यास के लिए पर्याप्त समय मिल सके। सत्र के प्रारंभ में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का मूल्यांकन कर लर्निंग गैप की पहचान की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार ब्रिज कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिससे प्रारंभिक कमजोरियों को दूर कर विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए तैयार किया जा सके।
नोट्स, गृहकार्य, लेसन प्लान और कक्षा निरीक्षण होंगे अनिवार्य
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी सभी विषयों के व्यवस्थित नोट्स तैयार करेगा तथा शिक्षक समय-समय पर उनकी जांच करेंगे। गृहकार्य की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक विषय शिक्षक को प्रतिदिन लेसन प्लान तैयार करना अनिवार्य होगा तथा प्राचार्य नियमित रूप से कक्षाओं का निरीक्षण कर शिक्षण कार्य की गुणवत्ता का मूल्यांकन करेंगे।
पिछले पांच वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास और पारदर्शी प्री-बोर्ड परीक्षा
सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को पिछले पांच वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्न पत्र नियमित रूप से हल कराए जाएंगे तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल के ब्लूप्रिंट के अनुरूप प्रश्नों का अभ्यास कराया जाएगा। अर्द्धवार्षिक एवं प्री-बोर्ड परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित होंगी। प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता, गोपनीयता एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला स्तरीय समिति निभाएगी, जबकि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विद्यालयों के बीच क्रॉस इवैल्यूएशन पद्धति से कराया जाएगा, जिससे निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
नियमित उपस्थिति और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा सम्मान
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में नियमित उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाए ताकि अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिले। बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी विद्यालय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विज्ञान एवं अन्य प्रायोगिक विषयों में नियमित प्रयोगात्मक कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए, जिससे विद्यार्थियों की व्यवहारिक समझ मजबूत हो सके।
बैठक के अंत में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि यह कार्ययोजना केवल बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ाने, आत्मविश्वास विकसित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का व्यापक अभियान है। उन्होंने सभी अधिकारियों, प्राचार्यों एवं शिक्षकों से समन्वित एवं जिम्मेदार प्रयास करते हुए इस कार्ययोजना को पूरी गंभीरता के साथ धरातल पर लागू करने का आह्वान किया, ताकि बोर्ड परीक्षा 2027 में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला उत्कृष्ट परिणामों के साथ प्रदेश में नई पहचान स्थापित कर सके।



