कोरिया : मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और महिला-केंद्रित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर गर्भवती महिला का समय पर एएनसी पंजीयन हो और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, आंगनबाड़ी सेवाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा बच्चों के आधार और आपार की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की गई।
हर गर्भवती का शुरुआती एएनसी पंजीयन जरूरी
कलेक्टर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक चरण में ही एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। इससे नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि समय पर एएनसी पंजीयन सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं की पहचान और पंजीयन की प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जाए तथा किसी भी पात्र महिला का पंजीयन छूटने न पाए।
महतारी वंदन में 71,967 ई-केवायसी पूर्ण
महतारी वंदन योजना की समीक्षा के दौरान सामने आया कि 73,237 हितग्राहियों में से 71,967 का ई-केवायसी पूर्ण हो चुका है, जबकि 1, 270 हितग्राहियों का ई-केवायसी लंबित है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि लंबित ई-केवायसी के लिए विशेष अभियान चलाकर हितग्राहियों से संपर्क किया जाए और प्रक्रिया तत्काल पूरी कराई जाए, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।
पीएमएमवीवाय में पात्र महिलाओं की पहचान और भुगतान पर जोर
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र गर्भवती महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। संभावित हितग्राहियों की पहचान कर उनका समय पर पंजीयन कराया जाए तथा पात्रता पूरी करने वाले हितग्राहियों के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
आधार और आपार आईडी के लिए इसी सप्ताह विशेष शिविर
छोटे बच्चों के आधार कार्ड और आपार आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इसी सप्ताह जिले की सभी परियोजनाओं में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 11,283 बच्चों में से 8,910 बच्चों के पास स्वयं का आधार दर्ज है, जबकि 2,373 बच्चों के पास आधार नहीं है। वहीं आपार आईडी के मामले में कुल 11,283 सक्रिय बच्चों में 8,707 बच्चों का आपार आईडी दर्ज है।
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक बच्चों का आधार और आपार आईडी तैयार कराया जाए। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
हर आंगनबाड़ी में बनेगी पोषण वाटिका
कलेक्टर ने जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल एवं हरी सब्जियों का उत्पादन बढ़ाकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र केवल सेवा वितरण का स्थान न होकर पोषण और जनजागरूकता का मॉडल केन्द्र बने।
कुपोषण से सुपोषण की ओर
कलेक्टर श्रीमती यादव ने कहा कि हमारी आने वाली पीढी स्वस्थ हो, मजबूत हो और कुपोषण मुक्त हो, इसके लिए जिम्मेदारी से कार्य करना होगा। एक एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, व मितानिनों की जिम्मेदारी है कि वे गम्भीरता से काम करें। उन्होंने स्वास्थ्य व महिला व बाल विकास विभाग की आपसी समन्वय से ही कुपोषण मुक्त कोरिया की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
मैदानी भ्रमण नहीं हुआ तो होगी जवाबदेही
कलेक्टर ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं सुपरवाइजरों को नियमित मैदानी भ्रमण कर आंगनबाड़ी केन्द्रों की गतिविधियों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से मैदानी स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति देखें। साथ ही सभी विभागीय पोर्टलों पर समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।



