मनेन्द्रगढ़ : नगर पंचायत जनकपुर में आज तक एक व्यवस्थित मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हो सका है। इसका खामियाजा क्षेत्र के लोगों को विशेष रूप से वर्षाकाल में भुगतना पड़ रहा है। बारिश के दौरान अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया भी बेहद कठिन परिस्थितियों में पूरी करनी पड़ती है। शोकाकुल परिजनों और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को बारिश से बचने के लिए अपने घरों से तिरपाल लाकर उसके सहारे अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बैठने के लिए न तो कोई शेड है और न ही प्रतीक्षालय की व्यवस्था, जिससे लोगों को खुले आसमान के नीचे भीगते हुए अंतिम संस्कार में शामिल होना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनकपुर में वर्षों से सर्वसुविधायुक्त मुक्तिधाम की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक दयनीय हो जाती है। कीचड़, जलभराव और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण शोक की घड़ी में लोगों की पीड़ा कई गुना बढ़ जाती है।
लगभग तीन वर्ष पूर्व अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचने के लिए लाखों रुपये की लागत से सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन गुणवत्ता विहीन निर्माण के चलते यह सड़क कुछ ही समय में उखड़ गई। वर्तमान में सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि बारिश के दौरान शव वाहन और लोगों का वहां तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, लेकिन आज तक न तो इसकी निष्पक्ष जांच हुई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी अथवा ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रामचरित द्विवेदी ने इस गंभीर विषय पर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील व्यवस्था में भी नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन जनकपुर के लोग वर्षों से इस अधिकार से वंचित हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि जनकपुर में शीघ्र सर्वसुविधायुक्त मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाए। साथ ही अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचने वाली जर्जर सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण, स्थायी शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि खराब सड़क निर्माण की जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय की जाए।
रामचरित द्विवेदी ने सवाल उठाया कि आखिर इतने संवेदनशील मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जिला प्रशासन इस मानवीय समस्या को गंभीरता से लेते हुए जनकपुर के नागरिकों को सम्मानजनक अंतिम संस्कार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए।



