नागपुर/एमसीबी। सुरक्षित यातायात और नशामुक्त समाज का संदेश लेकर पुलिस सहायता केंद्र नागपुर की टीम हाईस्कूल नागपुर पहुंची जहां छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के साथ साथ नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी पोड़ी ओमप्रकाश दुबे के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पुलिस सहायता केंद्र नागपुर प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक शेष नारायण सिंह ने किया।पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के पीछे तेज रफ्तार, लापरवाही, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग तथा यातायात नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन कर अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहे।
कार्यक्रम में नाबालिग विद्यार्थियों को विशेष रूप से समझाया गया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किए बिना वाहन चलाना कानूनन अपराध है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं वाहन चलाने की जिद न करें और अपने परिवार के सदस्यों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। वहीं अभिभावकों से भी आग्रह किया गया कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न दें क्योंकि दुर्घटना की स्थिति में उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
इस अवसर पर पुलिस ने नशामुक्ति जागरूकता का संदेश देते हुए कहा कि शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट तथा अन्य मादक पदार्थ न केवल स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि अपराध और सड़क दुर्घटनाओं का भी बड़ा कारण बनते हैं। विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अपने मित्रों को भी इसके प्रति जागरूक करने तथा परिवार और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने, ओवरलोडिंग से बचने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने तथा पैदल यात्रियों का सम्मान करने जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस की इस संयुक्त सड़क सुरक्षा एवं नशामुक्ति पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और सामाजिक जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने यातायात नियमों का पालन करने, नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी सुरक्षित और स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करने का सामूहिक संकल्प लिया।



