बरबसपुर साप्ताहिक बाजार में नागपुर पुलिस की अनोखी पहल, हेलमेट से लेकर नाबालिग ड्राइविंग तक समझाये सुरक्षा के नियम
नागपुर/एमसीबी। बरबसपुर का साप्ताहिक बाजार शुक्रवार को सिर्फ खरीदारी का केंद्र नहीं रहा बल्कि ग्रामीणों के लिये सड़क सुरक्षा की पाठशाला भी बन गया। बाजार में पहुंचे लोगों के बीच पुलिस सहायता केंद्र नागपुर की टीम ने यातायात जागरूकता अभियान चलाकर सुरक्षित सफर के लिये जरूरी सावधानियों की जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुजूर के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी पोड़ी ओमप्रकाश दुबे के नेतृत्व में आयोजित अभियान में पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक शेष नारायण सिंह ने ग्रामीणों और वाहन चालकों से सीधे संवाद किया।पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है। दोपहिया वाहन पर हेलमेट, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट, नियंत्रित गति और वाहन चलाते समय मोबाइल से दूरी ये छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती हैं।
बच्चों के हाथ में वाहन नहीं, जिम्मेदारी दें
अभियान का विशेष फोकस नाबालिगों पर रहा। पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि कम उम्र में वाहन चलाना ना केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के लिये भी गंभीर खतरा है। 18 वर्ष की आयु पूरी करने और वैध लाइसेंस प्राप्त करने से पहले वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी गई।पुलिस ने अभिभावकों से भी दो टूक कहा कि बच्चों की जिद के आगे झुककर उन्हें वाहन देना उचित नहीं है। नाबालिग द्वारा वाहन चलाये जाने की स्थिति में दुर्घटना होने पर अभिभावकों को भी कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।
नशा, रफ्तार और मोबाइल सड़क हादसों के बड़े कारण
पुलिस टीम ने ग्रामीणों को तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने, मोबाइल फोन के इस्तेमाल, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाले खतरों के बारे में बताया साथ ही पैदल यात्रियों को सड़क पर प्राथमिकता देने और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की।अभियान में पुलिस ने सिर्फ नियम नहीं बताये बल्कि ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें यह समझाने का प्रयास किया कि सड़क सुरक्षा का मतलब चालान से बचना नहीं बल्कि सुरक्षित घर लौटना है।बरबसपुर साप्ताहिक बाजार में पुलिस की इस पहल को ग्रामीणों ने सकारात्मक बताया। लोगों ने कहा कि बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीधे संवाद के माध्यम से दी गई यातायात संबंधी जानकारी ग्रामीणों तक आसानी से पहुंचती है।अंत में उपस्थित लोगों ने यातायात नियमों का पालन करने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।



