महासमुंद : ग्राम खरोरा में सावन शिवरात्रि व्रत पर तालाब में महिलाओं ने हाथो में लेकर जल स्नान किया। व्रती पुष्पा ने बताया सावन शिवरात्रि के दिन किसी पवित्र नदी, कुंड या तालाब में स्नान करना बहुत ही शुभ और पुण्यकारी माना जाता है। इससे शरीर और मन की शुद्धि होती है। स्नान पश्चात साफ वस्त्र पहनकर भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक किया जाता है।
स्नान और पूजा के नियम
ब्रह्म मुहूर्त: सावन शिवरात्रि पर भोर में उठकर स्नान सर्वोत्तम माना गया है। स्नान के दौरान संभव हो तो पानी में थोड़ा सा गंगाजल या काले तिल मिलाकर स्नान करना चाहिए। सावन शिवरात्रि पर भगवान महादेव की पूजा अर्चना करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।



