आंखों की पलकों का झड़ना अक्सर लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. रोजाना एक-दो पलकें गिरना सामान्य हो सकता है, क्योंकि पलकों का भी अपना ग्रोथ और शेडिंग साइकिल होता है. लेकिन अगर पलकें लगातार कम हो रही हैं, गुच्छों में गिर रही हैं या साथ ही सिर के बाल भी तेजी से झड़ने लगे हैं, तो इसके पीछे कोई स्वास्थ्य समस्या हो सकती है. बालों और पलकों के कमजोर होने के पीछे आयरन की कमी एक संभावित कारण हो सकती है. शरीर में आयरन की कमी होने पर बालों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है और ज्यादा हेयर फॉल देखने को मिल सकता है. खासकर महिलाओं में आयरन की कमी के कारण बाल झड़ने की शिकायत देखी जाती है. आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो शरीर की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाता है. इसकी कमी होने पर बालों की ग्रोथ से जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. हालांकि केवल पलकें झड़ने को आयरन की कमी का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता.
जिंक और बायोटिन की कमी भी हो सकती है जिम्मेदार:- कुछ मामलों में जिंक और बायोटिन की कमी भी पलकों की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है. जिंक और आयरन की कमी का पलकों की ग्रोथ में भूमिका हो सकती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति में पलकें झड़ने का कारण विटामिन या मिनरल की कमी ही हो. बिना जांच के सप्लीमेंट लेना सही तरीका नहीं है, क्योंकि खासकर बायोटिन की ज्यादा मात्रा कुछ ब्लड टेस्ट के नतीजों को प्रभावित कर सकती है.
उपचार कैसे किया जाता है:- पलकों के झड़ने का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है. अगर जांच में आयरन, जिंक या किसी दूसरे पोषक तत्व की कमी सामने आती है तो डॉक्टर डाइट में बदलाव या जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं.आयरन की कमी होने पर आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे पालक, ब्रोकली, मटर, टोफू और आयरन युक्त मांस को डाइट में शामिल किया जा सकता है. विटामिन C वाले खाद्य पदार्थों के साथ आयरन युक्त भोजन लेने से आयरन के अवशोषण में मदद मिलती है. लेकिन बिना जांच के आयरन या दूसरे सप्लीमेंट शुरू नहीं करने चाहिए.



