सोशल मीडिया पर भ्रामक, झूठ वीडियो वायरल व अफवाह फैलाने वालों पर होगी वैधानिक कार्रवाई
कोरिया : नगर पंचायत पटना क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति होने का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे एक वीडियो को प्रशासन ने पूरी तरह झूठा, भ्रामक एवं निराधार बताया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पंचायत पटना की ओर से थाना प्रभारी पटना को शिकायत प्रेषित कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच और दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम एवं अन्य माध्यमों पर प्रसारित वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पटना (बैकुंठपुर) क्षेत्र में महानदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया है और क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। नगर पंचायत पटना क्षेत्र में वर्तमान में बाढ़, जलभराव अथवा किसी प्रकार की आपदा की स्थिति नहीं है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
प्रशासन के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो पटना क्षेत्र की वर्तमान स्थिति से संबंधित नहीं है। वीडियो के माध्यम से गलत जानकारी प्रसारित कर आम नागरिकों में अनावश्यक भय और भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। ऐसी अफवाहों से क्षेत्र की शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।
इंस्टाग्राम अकाउंट की तकनीकी जांच की मांग
नगर पंचायत पटना की ओर से थाना प्रभारी को भेजी गई शिकायत में संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट/हैंडल की तकनीकी जांच कर वीडियो अपलोड करने वाले अज्ञात संचालक की पहचान करने तथा आईटी एक्ट एवं अन्य प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानबूझकर झूठी एवं भ्रामक जानकारी प्रसारित कर आमजन में दहशत पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
नगर पंचायत प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी बाढ़, आपदा या अन्य आपात स्थिति से संबंधित अपुष्ट वीडियो अथवा भ्रामक खबर पर विश्वास न करें और उसे आगे साझा करने से बचें। किसी भी सूचना की पुष्टि प्रशासन अथवा अधिकृत शासकीय माध्यमों से करने के बाद ही उस पर भरोसा करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगर पंचायत पटना क्षेत्र में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और आमजन को सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से घबराने की आवश्यकता नहीं है।




