हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए बेहद खास माना जाता है. साल में आने वाली एकादशियों में पुत्रदा एकादशी का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और बाल गोपाल की पूजा करने से संतान सुख और संतान के अच्छे स्वास्थ्य की कामना पूरी होती है. साल 2026 में सावन मास के शुक्ल पक्ष की श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत रविवार, 23 अगस्त 2026 को रखा जाएगा.पुत्रदा एकादशी के दिन व्रत के साथ भगवान विष्णु और बाल गोपाल के मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और विधि-विधान से इन मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. साथ ही, संतान सुख और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है. आइए जानते हैं इस दिन कौन-कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए और जाप के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
पुत्रदा एकादशी मंत्र जाप
1. विष्णु मूल मंत्र:- ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’
2. संतान गोपाल मंत्र;- ‘ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते. देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥’ इस मंत्र का जाप संतान प्राप्ति की कामना के लिए किया जाता है. मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी पर भगवान श्रीकृष्ण यानी बाल गोपाल का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है.
3. विष्णु महामंत्र:- ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ ये भगवान विष्णु का मूल मंत्र है. धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा से इसके जाप से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की जाती है.
4. विष्णु गायत्री मंत्र:- ‘ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि. तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥’ इस मंत्र का जाप भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए किया जाता है. इसे मानसिक शांति और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए शुभ माना जाता है.
मंत्र जाप के नियम
- सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें.
- तुलसी की माला या रुद्राक्ष माला से 108 बार मंत्र का जाप करें.
- भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी का भी ध्यान करें.
- मंत्र जाप के दौरान पूरी श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण करें.




