शरीर के लिए चीनी को मीठा जहर माना जाता है। चीनी खाने से एक भी फायदा नहीं बल्कि दसों नुकसान जरूर हैं। चीनी सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाती बल्कि शरीर में कैलोरी, मोटापा और कई बीमारियों का कारण बनती है। हालांकि, मीठा खाने के शौकीन लोग अक्सर चाय में चीनी की जगह गुड़ या शहद मिलाकर इसका समाधान निकालने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या इससे शरीर को कम कैलोरी और शुगर मिलती है। क्या वाकई चीनी से ज्यादा बेहतर विकल्प शहद और गुड़ या उससे बनी शक्कर है। आइये जाने माने कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा से जानते हैं।
डॉक्टर जयेश शर्मा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करके बताया कि अगर आप चीनी का बेहतर और कम नुकसान वाला विकल्प सोचकर गुड़, शहद या जैगरी पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं और जानना चाहते हैं कि क्या ये विकल्प चीनी से बेहतर हैं तो इसका जवाब स्पष्ट रूप से ‘नहीं’ है। हालांकि कई लोग अपनी चाय में चीनी की जगह गुड़ या शहद का इस्तेमाल करके खुद को अच्छा महसूस करते हैं, लेकिन उन्हें मिलने वाला फायदा न के बराबर है।
चाय में चीनी की जगह गुड़ या शहद डालकर पीना
डॉक्टर ने बताया कि गुड़ चीनी का गांव का रिश्तेदार है, और शहद अमेरिका से आया हुआ उसका विदेशी रिश्तेदार है। उनके जीन बिल्कुल एक जैसे हैं। ये सभी एक्स्ट्रा शुगर की लिस्ट में शामिल हैं। सभी में लगभग बराबर कैलोरी होती हैं, सभी से शुगर लेवल बढ़ता है और इनमें से किसी का भी ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।
रोज कितनी चीनी खा सकते हैं?
डॉक्टर के अनुसार, सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि चीनी का सेवन कम है या ज्यादा। आपके दिनभर की कैलोरी का 10% से कम हिस्सा चीनी से आना चाहिए। एक आम व्यक्ति के लिए रोज 7-8 चम्मच चीनी का सेवन करना कोई समस्या नहीं है। हालांकि त्योहार और फंक्शन के दिनों में लोग इससे कहीं ज्यादा चीनी का सेवन करते हैं। इसलिए सावधानी बरतते हुए डेली 3-4 चम्मच चीनी खाना किसी के लिए भी सुरक्षित है।
चीनी की जगह गुड़ या शहद
चीनी रिफाइंड शुगर होती है। इसमें किसी तरह का कोई पोषण वाला गुण नहीं पाया जाता है। ये सिर्फ कैलोरी है जो शुगर स्पाइक करती है। वहीं गुड़ या उससे बनी शक्कर थोड़ा कम रिफाइंड की गई फॉर्म है। गुड़ में आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं। लेकिन ये पोषक तत्व बहुत कम होते हैं जिससे शरीर को कोई खास फायदा नहीं होता। गुड़ में चीनी के जितनी ही कैलोरी होती हैं। शुगर स्पाइक भी उतनी ही तेजी से करता है। वहीं शहद भी कैलोरी के मामले में बराबर ही है और इससे भी शुगर स्पाइक तेजी से होता है। सिर्फ शहद में थोड़े एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व पाए जाते हैं। लेकिन चाय में डालकर पीने से उसका भी खास फायदा नहीं मिल पाता है। इसलिए पोषण के लिए या आयरन की कमी के लिए गुड़ और शहद का सेवन कर रहे हैं तो पूरी तरह दिल को तसल्ली देने वाली चीज है फायदा कुछ नहीं मिलेगा।
इसका निष्कर्ष यह है कि आप अपनी पसंद के अनुसार गुड़, चीनी या शहद में से जिसका भी स्वाद पसंद हो उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन सभी की मात्रा सीमित रखें क्योंकि इनमें से कोई भी चीज फायदेमंद नहीं है।




