वार्ड-7 में अधूरे निर्माण ने बढ़ाई मुसीबत, बारिश में हादसे के बाद रास्ता भी बंद; नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- शहर में विकास कार्यों के नाम पर शुरू होने वाले निर्माण यदि समय पर पूरे न हों तो सुविधा की जगह मुसीबत बन जाते हैं। नगर के वार्ड क्रमांक 7 रावणभाटा में नाली निर्माण के लिए खोदी गई खुदाई अब इसी परेशानी की तस्वीर दिखा रही है। लंबे समय से अधूरा पड़ा नाली निर्माण और बारिश के बीच रविवार सुबह नाली से लगे एक घर का आहता अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान मालिक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
बताया जा रहा है कि नाली निर्माण के लिए काफी समय पहले गड्ढे खोदे गए थे। इसके बाद से ही सड़क पर आवागमन प्रभावित है। बारिश ने समस्या को और गंभीर कर दिया। गड्ढों में पानी भरने और मिट्टी के गीला होने के बाद आसपास के मकानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
आहता गिरने के बाद मलबा सड़क पर फैल गया, जिससे रास्ता भी बाधित हो गया। अब स्थानीय लोगों और राहगीरों को आने-जाने के लिए दूसरे रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति किसी खतरे से कम नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नाली निर्माण के लिए खुदाई की गई थी, तो आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? बारिश के मौसम को देखते हुए निर्माण स्थल को सुरक्षित क्यों नहीं किया गया? यदि खुदाई के कारण आहता गिरा है तो हुए नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें विकास कार्य से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और सुरक्षा के अभाव में जनता को नुकसान नहीं होना चाहिए। लोगों ने नगर पालिका से तत्काल मलबा हटाने, रास्ता बहाल करने, निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम करने और प्रभावित परिवार के नुकसान का जायजा लेने की मांग की है।
हादसे के बाद अब नगर पालिका की जिम्मेदारी है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण स्थल का निरीक्षण कराए, मलबा हटाकर रास्ता बहाल करे और प्रभावित परिवार के नुकसान का जायजा ले। विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं, लेकिन जब अधूरी खुदाई लोगों के घरों और आवागमन के लिए खतरा बन जाए तो लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।





