Home छत्तीसगढ़ सफलता की कहानी : आम के फलोद्यान से ग्रामीण महिलाओं को मिला अतिरिक्त...

सफलता की कहानी : आम के फलोद्यान से ग्रामीण महिलाओं को मिला अतिरिक्त आय का साधन

0

एमसीबी :  किसानों की उन्नति की राह में आवश्यक है कि उन्हें अतिरिक्त आय के साधनों से जोड़ा जाए। इसके लिए मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर, मनेंद्रगढ़ एवं खड़गवां विकासखंडों में तैयार किए गए फलोद्यान अब स्थानीय महिलाओं के लिए आजीविका की अतिरिक्त आय सुनिश्चित कर रहे हैं। विदित हो कि राज्य कार्यालय द्वारा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका विकास के लिए सृजन नामक सहयोगी संस्थान की मदद ली गई है। इस संस्था ने चयनित पंजीकृत श्रमिक परिवारों की बाड़ी में मनरेगा के तहत फलदार पौधों का रोपण कराया था। अब वे सभी परिवार आम के उत्पादन से अतिरिक्त आय का जरिया पा चुके हैं। निर्मित फलोद्यान अब रोजगार के साथ-साथ स्थायी आजीविका एवं अतिरिक्त आय के सशक्त माध्यम बनकर उभर रहे हैं।

136 उद्यान हुए तैयार
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर, मनेंद्रगढ़ एवं खड़गवां विकासखंडों में मनरेगा के सहयोग से वित्तीय वर्ष 2017-18 में 136 पंजीकृत परिवारों की बाड़ी में आम के फलोद्यान लगाए गए हैं। जिला पंचायत से स्वीकृति उपरांत किसानों के लिए तैयार किए गए इन फलोद्यानों की बुवाई और तैयार होने के लिए आवश्यक प्रबंधन में सृजन नामक सहयोगी संस्था द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। इन फलोद्यानों में महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

4 लाख रूपए की आय दर्ज
जिला पंचायत एमसीबी द्वारा सृजन के सहयोग से तैयार सभी फलोद्यानों का सर्वे कराकर उनकी आय की गणना कराई गई है। अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 70 महिला किसानों ने मिलकर करीब 4 लाख रूपए की आमदनी अर्जित की है, जो ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

70 महिला किसानों को सीधा लाभ
फलोद्यान विकास कार्यक्रम का सबसे सकारात्मक पहलू ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी है। इस अभियान के तहत रोपे गए उद्यानों में से 70 महिला किसानों द्वारा करीब 4 लाख की आय अर्जित की गई है। फलोद्यान आधारित गतिविधियों से महिलाओं को परिवार की आय बढ़ाने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। भरतपुर क्षेत्र की श्रीमती सुनीता द्वारा 21 हजार 500, श्रीमती शांति ने 19 हजार तथा श्रीमती सुकवारिया ने 17 हजार की अतिरिक्त आय प्राप्त की है। कौशिल्या बाई की सफलता जिले के अन्य ग्रामीण परिवारों और महिला किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। आने वाले वर्षों में फलोद्यानों के पूर्ण फलन में आने के साथ उत्पादन और आय में और वृद्धि की संभावना है।

कौशिल्या बाई को सर्वाधिक आमदनी
प्राप्त जानकारी अनुसार भरतपुर विकासखंड के खाड़ाखोह की निवासी श्रीमती कौशिल्या बाई पति चंद्रभान ने अपने आम के फलोद्यान से उल्लेखनीय आय अर्जित कर जिले में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस वर्ष कौशिल्या बाई के फलोद्यान में लगाए गए कुल 48 आम के पौधों में से कुल 40 पौधों में अच्छे फल आए। इन फलदार पौधों से उन्हें कुल 560 किलोग्राम आम का उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पादित आम में से 480 किलोग्राम आम को स्थानीय बाजार में 50 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया और उन्हें कुल 24 हजार रुपए का शुद्ध लाभ हुआ।

परिसंपत्ति निर्माण से आय सृजन तक
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम ने बताया कि मनरेगा के माध्यम से फलोद्यान स्थापित करने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, जो आने वाले वर्षों में निरंतर लाभ एवं आय का माध्यम बनें। जिले में स्थापित फलोद्यान इसी सोच का सफल परिणाम हैं। पौधों के बढ़ने एवं फलन में आने के साथ किसानों को अपने खेत से ही अतिरिक्त आय प्राप्त होने लगी है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के अवसर मिल रहे हैं तथा कृषि आधारित आजीविका को मजबूती मिल रही है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में यह महत्वपूर्ण कदम
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने महिलाओं की आजीविका में सुधार पर बात करते हुए कहा कि मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में मनरेगा के माध्यम से स्थापित 136 फलोद्यान ग्रामीण विकास की उसी मूल अवधारणा को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके तहत रोजगार, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि एवं स्थायी आजीविका को एक साथ जोड़ा गया है। महिला किसानों की भागीदारी और उनके द्वारा अर्जित आय इस पहल की सफलता को दर्शाती है। जिला प्रशासन द्वारा ऐसी आजीविका आधारित गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर स्थायी एवं सम्मानजनक आय के अवसर उपलब्ध हो सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here