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क्यूबा की बिजली व्यवस्था पर अमेरिका का वार? कास्त्रो के पोते समेत कई पर नए प्रतिबंध

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नई दिल्ली : अमेरिका ने आर्थिक संकट से जूझ रहे क्यूबा पर दबाव और बढ़ाते हुए नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी कार्रवाई की जद में क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के पोते फिदेल अर्नेस्टो कास्त्रो के साथ-साथ क्यूबा की ऑयल इंडस्ट्री सप्लाई और इम्पोर्ट कंपनी अबापेट भी शामिल है।

क्यूबा की ऊर्जा व्यवस्था पर बढ़ सकता है दबाव

अबापेट क्यूबा की जर्जर बिजली व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी विशेष उपकरणों और कलपुर्जों के आयात से जुड़ी कंपनी है। प्रतिबंध मामलों के विशेषज्ञ और ओब्सीडियन रिस्क एडवाइजर्स के मैनेजिंग पार्टनर ब्रेट एरिकसन के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिबंधों का असर क्यूबा की जरूरी मशीनरी और उपकरणों की सप्लाई पर पड़ सकता है।

एरिकसन का कहना है कि अमेरिका का मकसद क्यूबा पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और उसके पहले से गंभीर ऊर्जा संकट को और गहरा करना हो सकता है।

अमेरिका क्यूबा पर क्यों बढ़ा रहा दबाव?

एरिकसन के अनुसार, अमेरिका क्यूबा सरकार पर लगातार दबाव बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। उनका दावा है कि अमेरिकी प्रशासन क्यूबा में सत्ता परिवर्तन के अलावा दूसरे दबावों को लेकर भी गंभीर रुख अपना रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी क्यूबा को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाते रहे हैं।

प्रतिबंधों से बचने के लिए नए रास्ते तलाश सकता है क्यूबा

विशेषज्ञों का अनुमान है कि क्यूबा की सरकार अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए उपकरण और जरूरी कलपुर्जे हासिल करने के वैकल्पिक रास्ते तलाश सकती है। हालांकि, ऐसा करना उसके लिए महंगा साबित हो सकता है।

इससे आयात लागत बढ़ने के साथ महंगाई पर दबाव बढ़ने और पहले से संकटग्रस्त क्यूबा की अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

कास्त्रो के नेटवर्क पर निशाना

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिबंधों को लेकर कहा कि जिन लोगों और संस्थाओं को निशाना बनाया गया है, वे कास्त्रो के भ्रष्ट वित्तीय और खुफिया नेटवर्क का हिस्सा हैं।

रुबियो ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन क्यूबा को आजाद कराने के अपने संकल्प पर कायम है।

क्यूबा ने अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार

वहीं, क्यूबा सरकार ने देश की मौजूदा स्थिति के लिए अमेरिकी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। क्यूबा के उप प्रधानमंत्री और विदेशी निवेश मंत्री ऑस्कर पेरेज-ओलिवा फ्रागा ने अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

मेक्सिको में क्यूबा के राजदूत यूजेनियो मार्टिनेज एनरिकेज ने भी अमेरिका के नए प्रतिबंधों की निंदा की है।

इससे पहले मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर सख्त बयान देते हुए उसे विफल देश बताया था और कहा था कि अमेरिका वहां के लोगों की मदद के लिए मौजूद है। नए प्रतिबंधों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

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