गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रेत एवं मिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे 4 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है।
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार निगरानी और जांच कर रही है। इसी दौरान टीम ने सिलपहरी क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन करते 3 ट्रैक्टर पकड़े। वहीं ज्योतिपुर तिराहा में ईंट निर्माण के लिए मिट्टी का अवैध परिवहन करते एक ट्रैक्टर को भी जब्त किया गया।
4 ट्रैक्टर जब्त, अलग-अलग परिसरों में रखे गए
खनिज विभाग ने कार्रवाई के बाद सभी चारों वाहनों को सुरक्षित अभिरक्षा में रख दिया है। इनमें तीन ट्रैक्टरों को अमरपुर थाना परिसर और एक ट्रैक्टर को नगर सैनिक परिसर में रखा गया है।
विभाग के अनुसार जब्त वाहनों के मालिकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(5) एवं 23(क) के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवैध दोहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा है कि जिले के प्राकृतिक संसाधन जनता की सामूहिक संपत्ति हैं और इनके अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से वैध खनन और परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने पर जोर दिया जा रहा है।
राजस्व और पर्यावरण की सुरक्षा पर जोर
प्रशासन के मुताबिक कार्रवाई का उद्देश्य केवल वाहनों को जब्त करना नहीं, बल्कि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर रोक लगाना, शासन के राजस्व की सुरक्षा करना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और खनिजों के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ निगरानी एवं जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में भी नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में ये अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल
इस कार्रवाई में खनि निरीक्षक सुजीत कंवर, शिवकुमार लहरे, सतीश साहू और सैनिक साहिब गनी शामिल रहे।




