बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 16वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद जस्टिस कृष्णा राम महापात्र के सम्मान में ओवेशन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, महाधिवक्ता और अधिवक्ता संघ की ओर से उनका अभिनंदन किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए चीफ जस्टिस महापात्र ने कहा कि उनके स्वागत में कही गई बातें महज प्रशंसा नहीं हैं, बल्कि उनके प्रति व्यक्त स्नेह, विश्वास और बड़ी जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इस विश्वास को बनाए रखना उनके लिए महत्वपूर्ण दायित्व है।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ आने को बताया सौभाग्य
चीफ जस्टिस महापात्र ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा से मां महामाया की पवित्र भूमि छत्तीसगढ़ आना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है।
उन्होंने दोनों राज्यों के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ का रिश्ता सिर्फ भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है। दोनों राज्यों की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन में कई समानताएं हैं। उन्होंने महानदी को दोनों राज्यों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का भरोसा
जस्टिस महापात्र ने कहा कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। साथ ही पक्षकारों के विश्वास और उनकी अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू ने नए चीफ जस्टिस का स्वागत करते हुए कहा कि हाईकोर्ट की समृद्ध न्यायिक परंपरा को आगे बढ़ाने में उनका नेतृत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महाधिवक्ता और हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ की ओर से भी जस्टिस महापात्र का अभिनंदन किया गया। समारोह के दौरान ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को भी याद किया गया।
कौन हैं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस K.R. महापात्र?
जस्टिस कृष्णा राम महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय जस्टिस शरत चंद्र महापात्र भी न्यायपालिका में महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके थे। पिता के न्यायिक जीवन से प्रभावित होकर कृष्णा राम महापात्र ने भी कानून के क्षेत्र में अपना करियर बनाया।
उन्होंने B.A. के बाद LL.B. की पढ़ाई पूरी की। 7 फरवरी 1988 को उनका उड़ीसा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण हुआ। इसके बाद करीब 26 वर्षों तक वकालत करते हुए उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और संवैधानिक कानून से जुड़े मामलों में व्यापक अनुभव हासिल किया।
उन्होंने Guardians and Wards Act, Hindu Minority and Guardianship Act और Juvenile Justice Act से जुड़े मामलों में भी पैरवी की। इसके अलावा वे राज्य सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील और OPSC के अधिवक्ता के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
जस्टिस महापात्र ने बैंक ऑफ बड़ौदा, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और NIOS का कानूनी प्रतिनिधित्व भी किया।
ओडिशा हाईकोर्ट से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक का सफर
17 अप्रैल 2015 को जस्टिस कृष्णा राम महापात्र को ओडिशा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। न्यायाधीश के रूप में उन्होंने मध्यस्थता, संवैधानिक अधिकारों सहित कई महत्वपूर्ण कानूनी मामलों की सुनवाई की और अहम फैसले दिए।
अब उनके न्यायिक करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। 1 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी।
करीब चार दशक के कानूनी और न्यायिक अनुभव के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।




