कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा की मौत के बाद सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजनों ने गांव के ही 17 वर्षीय नाबालिग पर छात्रा को कॉलेज आते-जाते रास्ते में रोककर परेशान करने और छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और कथित तौर पर परेशान किए जाने से छात्रा तनाव में थी। मामला पाली थाना क्षेत्र का है।
परिजनों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा से मिलने के लिए लगातार दबाव बनाता था। आरोप है कि वह छात्रा और उसके परिवार को भावनात्मक रूप से दबाव में लेने की कोशिश करता था। परिजनों और छात्रा की ओर से समझाइश दिए जाने के बावजूद उसके व्यवहार में बदलाव नहीं आया।
तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती
बताया जा रहा है कि 3 सितंबर को छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पाली लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां उपचार के दौरान रविवार शाम छात्रा की मौत हो गई।
पढ़ाई में होशियार थी छात्रा
परिजनों के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में होशियार थी और 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज में अध्ययन कर रही थी। उसके पिता नहीं हैं, जबकि उसके दोनों भाई बाहर रहकर काम करते हैं। रक्षाबंधन के दौरान दोनों भाई घर आए थे, जहां छात्रा ने उन्हें राखी बांधी थी। छात्रा की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई में जुटी पुलिस
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से मिले मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी में बयान दर्ज किया गया है। मामले में 17 वर्षीय नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच के बाद ही घटना के सभी तथ्यों और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




