Home लाइफ बुखार में कंबल ओढ़कर पसीना निकालना सही या गलत? डॉक्टर ने बता...

बुखार में कंबल ओढ़कर पसीना निकालना सही या गलत? डॉक्टर ने बता दिया पूरा सच

0

बुखार आते ही कंबल ओढ़कर जानबूझकर पसीना निकालना क्या वाकई फायदेमंद है? बहुत से लोगों का मानना है कि ज्यादा पसीना आने से शरीर का तापमान कम होता है और संक्रमण पसीने के जरिए बाहर निकल जाता है। लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक यह धारणा सही नहीं है। उल्टा, बुखार में जबरदस्ती पसीना निकालने की कोशिश शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

दवा लेने के बाद पसीना क्यों आता है?

बुखार के दौरान शरीर का तापमान सामान्य से बढ़ जाता है। कई बार बुखार कम होने की प्रक्रिया में शरीर अतिरिक्त गर्मी बाहर निकालने के लिए पसीना पैदा करता है। यही वजह है कि दवा लेने के कुछ समय बाद कई लोगों को तेज पसीना आता है और इसके बाद शरीर का तापमान सामान्य होने लगता है।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि पसीने के जरिए शरीर का संक्रमण बाहर निकल रहा है।

जानबूझकर पसीना निकालना क्यों नहीं है सही तरीका?

दिल्ली के PSRI अस्पताल की पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन की वरिष्ठ सलाहकार डॉक्टर नीतू जैन के मुताबिक, बुखार में जानबूझकर ज्यादा पसीना बहाना संक्रमण से लड़ने का सही तरीका नहीं है।

बुखार में शरीर का तापमान पहले ही बढ़ा हुआ होता है। ऐसे में ज्यादा कपड़े पहनना या मोटा कंबल ओढ़कर शरीर को और गर्म करना बुखार या संक्रमण को जल्दी ठीक नहीं करता।

इसके बजाय ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। इससे कमजोरी, चक्कर, थकान और बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अत्यधिक गर्मी शरीर का तापमान और बढ़ा सकती है।

बुखार उतरते समय पसीना आना क्या बताता है?

बुखार कम होने के दौरान पसीना आना शरीर की एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया हो सकती है। जब शरीर सामान्य तापमान की ओर लौटता है तो अतिरिक्त गर्मी बाहर निकालने के लिए पसीना आता है।

इसलिए अगर बुखार के बाद पसीना आया और तापमान सामान्य होने लगा, तो यह बुखार कम होने का संकेत हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि संक्रमण पसीने के साथ शरीर से बाहर निकल गया।

यानी पसीना बुखार कम होने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन पसीना निकालना बुखार का इलाज नहीं है।

बुखार होने पर क्या करना चाहिए?

बुखार में शरीर को जबरदस्ती गर्म करने के बजाय आराम और पर्याप्त हाइड्रेशन पर ध्यान देना चाहिए।

– पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें।
– हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें।
– कमरे का तापमान बहुत ज्यादा गर्म न रखें।
– पर्याप्त आराम करें।
– अगर बुखार के कारण ज्यादा परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार पैरासिटामोल जैसी दवा ली जा सकती है।
– सिर्फ पसीना निकालने के लिए मोटा कंबल ओढ़कर शरीर को ज्यादा गर्म करने से बचें।

याद रखें, बुखार बीमारी नहीं बल्कि एक लक्षण है

बुखार अपने आप में कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर में चल रही किसी प्रक्रिया या संक्रमण का एक लक्षण हो सकता है। इसलिए केवल तापमान कम करने पर ध्यान देने के बजाय बुखार के कारण को समझना जरूरी है।

अगर बुखार बहुत तेज हो, कई दिनों तक बना रहे या लगातार बढ़ता जाए, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

वहीं, बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, भ्रम की स्थिति, अत्यधिक कमजोरी, लगातार उल्टी या तेज सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना जरूरी है।

निष्कर्ष: बुखार में पसीना आना सामान्य हो सकता है, लेकिन पसीना निकालने के लिए खुद को कंबल में लपेटना बुखार या संक्रमण को जल्दी ठीक नहीं करता। शरीर को ज्यादा गर्म करने के बजाय आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here