Home छत्तीसगढ़ मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खबर! सिम्स बिलासपुर में पीजी की 91...

मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खबर! सिम्स बिलासपुर में पीजी की 91 सीटों को मिली अस्थायी मंजूरी

0

रायपुर : छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा बोर्ड (PGMEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सिम्स के 19 स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण को अस्थायी स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही संस्थान में एमडी और एमएस की कुल 91 सीटों पर प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है।

एनएमसी की स्वीकृति के तहत एमडी के 14 पाठ्यक्रमों में 69 सीटें, जबकि एमएस के 5 पाठ्यक्रमों में 22 सीटें शामिल हैं। विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में पीजी सीटों की उपलब्धता बढ़ने से सिम्स में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसरों का विस्तार होगा।

इन विषयों में एमडी की सीटें स्वीकृत

एमडी पाठ्यक्रमों में सामुदायिक चिकित्सा की 5, फॉरेंसिक मेडिसिन की 2, एनाटॉमी की 3, बायोकेमिस्ट्री की 4, फार्माकोलॉजी की 5, माइक्रोबायोलॉजी की 5 और पीडियाट्रिक्स की 6 सीटें शामिल हैं।

इसके अलावा एनेस्थीसियोलॉजी में 8, त्वचा रोग में 3, जनरल मेडिसिन में 8, मनोचिकित्सा में 3, पैथोलॉजी में 9, रेडियो डायग्नोसिस में 3 तथा रेस्पिरेटरी मेडिसिन में 2 सीटों को मंजूरी मिली है।

एमएस के इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश

एमएस पाठ्यक्रमों में ईएनटी की 4, नेत्र रोग की 3, प्रसूति एवं स्त्री रोग की 6, ऑर्थोपेडिक्स की 6 और जनरल सर्जरी की 6 सीटें स्वीकृत की गई हैं।

इस तरह सिम्स में विभिन्न विशेषज्ञताओं को मिलाकर एमडी की 69 और एमएस की 22 यानी कुल 91 पीजी सीटों पर प्रवेश की अनुमति मिली है।

बेहतर प्रशिक्षण के साथ तैयार होंगे विशेषज्ञ चिकित्सक

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीजी पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण की अनुमति मिलना संस्थान के लिए गौरव की बात है। उन्होंने इसे पीजी विद्यार्थियों, शिक्षकों और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सभी लोगों के लिए उत्साहवर्धक उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अनुमति संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशिक्षण व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर व्यावहारिक और चिकित्सकीय प्रशिक्षण मिलेगा तथा भविष्य में प्रदेश को विभिन्न विशेषज्ञताओं में प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध होंगे।

सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने पीजी पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण की अनुमति को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण और उत्साहवर्धक उपलब्धि बताया।

प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा विस्तार

एनएमसी की स्वीकृति से सिम्स की पीजी शिक्षा व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। विभिन्न विशेषज्ञताओं में सीटों की उपलब्धता बढ़ने से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही आने वाले वर्षों में प्रदेश को अलग-अलग चिकित्सा क्षेत्रों में प्रशिक्षित विशेषज्ञ चिकित्सक भी मिल सकेंगे।

हालांकि, एनएमसी ने अपने स्वीकृति पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि वास्तविक सीटों की संख्या मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा अनुमत सीटों के अनुसार ही मान्य होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here