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जिम, रनिंग और वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक क्यों? जानिए किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत

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Health News: पिछले कुछ वर्षों में फिटनेस को लेकर लोगों की जागरूकता तेजी से बढ़ी है। लोग खुद को फिट रखने के लिए जिम, रनिंग, साइकिलिंग और अलग-अलग खेलों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन इसी बीच जिम या खेल के मैदान में अचानक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट की खबरें भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में एक सवाल अक्सर उठता है—क्या ज्यादा एक्सरसाइज करना दिल के लिए खतरनाक हो सकता है?

इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष जय किशन, फोर्टिस, ओखला के मुताबिक, नियमित और सही तरीके से की गई एक्सरसाइज दिल को स्वस्थ रखने के महत्वपूर्ण तरीकों में शामिल है। समस्या तब हो सकती है, जब कोई व्यक्ति अचानक अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा मेहनत करने लगे या उसके शरीर में पहले से मौजूद किसी हृदय संबंधी समस्या का पता न चला हो।

एक्सरसाइज हार्ट अटैक का कारण है?

सीधे तौर पर एक्सरसाइज को हार्ट अटैक का कारण नहीं माना जाता। नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। हालांकि, अचानक बहुत ज्यादा या हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने पर जोखिम बढ़ सकता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से कोई हृदय संबंधी समस्या है और उसका पता नहीं चला है।

यहां हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच अंतर समझना भी जरूरी है।

हार्ट अटैक आमतौर पर तब होता है, जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचाने वाली कोरोनरी धमनियों में रुकावट पैदा हो जाती है। वहीं कार्डियक अरेस्ट में हृदय की इलेक्ट्रिकल प्रणाली में गड़बड़ी के कारण दिल अचानक प्रभावी तरीके से रक्त पंप करना बंद कर देता है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

कुछ लोगों में जन्मजात या अन्य कारणों से हृदय की संरचना अथवा उसकी इलेक्ट्रिकल प्रणाली से जुड़ी समस्या हो सकती है। कई बार रोजमर्रा की गतिविधियों में इसके लक्षण सामने नहीं आते, लेकिन अत्यधिक शारीरिक मेहनत के दौरान समस्या गंभीर हो सकती है।

जिन लोगों के परिवार में कम उम्र में अचानक हृदय संबंधी मृत्यु का इतिहास रहा है, उन्हें एक्सरसाइज शुरू करने या अपनी वर्कआउट की तीव्रता बढ़ाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

इसी तरह एक्सरसाइज के दौरान अगर बिना स्पष्ट वजह के बेहोशी, बार-बार चक्कर, असामान्य धड़कन या सीने में दर्द/असहजता महसूस हो, तो इसे सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हार्ट अटैक के पीछे हो सकती हैं ये 3 वजहें

1. कोरोनरी आर्टरी डिजीज

एक्सरसाइज के दौरान शरीर और हृदय को सामान्य से अधिक ऑक्सीजन और रक्त की जरूरत होती है। अगर कोरोनरी धमनियों में पहले से प्लाक जमा होने या संकुचन की समस्या है, तो ज्यादा मेहनत के दौरान हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

चिंता की बात यह है कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज शुरुआती दौर में हमेशा स्पष्ट लक्षण नहीं देती। कोई व्यक्ति सामान्य गतिविधियों के दौरान बिल्कुल ठीक महसूस कर सकता है, लेकिन उसके भीतर हृदय संबंधी जोखिम मौजूद हो सकता है।

इसलिए सिर्फ कम उम्र या बाहर से फिट दिखाई देना इस बात की गारंटी नहीं है कि हृदय पूरी तरह स्वस्थ है।

2. अचानक हाई इंटेंसिटी वर्कआउट

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से शारीरिक रूप से निष्क्रिय है और अचानक भारी वजन उठाने, तेज दौड़ने या हाई इंटेंसिटी वर्कआउट की शुरुआत करता है, तो शरीर पर अचानक ज्यादा दबाव पड़ सकता है।

ऐसे लोगों के लिए आमतौर पर धीरे-धीरे एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ाना ज्यादा उचित होता है। अपनी उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार वर्कआउट प्लान करना जरूरी है।

3. धूम्रपान, निकोटीन और स्टिमुलेंट का सेवन

कुछ लोग वर्कआउट से पहले एनर्जी ड्रिंक, बहुत ज्यादा कैफीन या स्टिमुलेंट वाले प्री-वर्कआउट उत्पाद लेते हैं। वहीं धूम्रपान और निकोटीन का सेवन भी हृदय संबंधी जोखिम को बढ़ा सकता है।

अत्यधिक मात्रा में स्टिमुलेंट लेने से हृदय गति और हृदय पर पड़ने वाला दबाव प्रभावित हो सकता है। हर व्यक्ति का शरीर इन पदार्थों पर अलग तरह से प्रतिक्रिया कर सकता है।

इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की प्री-वर्कआउट रूटीन को बिना अपनी स्वास्थ्य स्थिति जाने कॉपी करना सही नहीं है।

एक्सरसाइज छोड़ना नहीं, सही तरीके से करना जरूरी

हार्ट हेल्थ के लिए शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण है, लेकिन एक्सरसाइज की शुरुआत और उसकी तीव्रता व्यक्ति की उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार होनी चाहिए। लंबे समय से निष्क्रिय व्यक्ति को अचानक बहुत कठिन वर्कआउट शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए।

अगर वर्कआउट के दौरान सीने में दर्द, बेहोशी, असामान्य धड़कन, सांस लेने में असामान्य परेशानी या तेज चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दें, तो एक्सरसाइज रोककर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। हार्ट संबंधी जोखिम हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। किसी भी नए या हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट को शुरू करने से पहले, खासकर यदि पहले से कोई बीमारी या जोखिम कारक मौजूद हो, डॉक्टर से सलाह लें।

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