रायपुर : राजधानी रायपुर के डीडी नगर इलाके में एक आवारा सांड के लगातार हमलों से लोगों में दहशत का माहौल है। जानकारी के मुताबिक सांड ने अलग-अलग स्थानों पर करीब 15 लोगों को अपना निशाना बनाया है। हमले में पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कल्पना पटेल समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सांड के हमले का एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह बच्चे को गोद में लिए एक बुजुर्ग पर अचानक हमला करता दिखाई दे रहा है।
बच्चे को गोद में लिए बुजुर्ग पर अचानक हमला
सामने आए CCTV फुटेज में नजर आ रहा है कि बुजुर्ग एक बच्चे को गोद में लेकर जा रहे थे। इसी दौरान सांड अचानक उनकी ओर दौड़ता है और उन पर हमला कर देता है। हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। उनका अस्पताल में उपचार जारी है।
वहीं, पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कल्पना पटेल को भी सांड के हमले में चोटें आई हैं। उन्हें उपचार के लिए बालाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ट्रैंक्विलाइजर डार्ट से सांड को किया गया काबू
लगातार हमलों की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सांड को पकड़ने के लिए टीम ने अभियान चलाया और ट्रैंक्विलाइजर डार्ट की मदद से उसे बेहोश किया गया। इसके बाद सांड को सुरक्षित तरीके से काबू में लिया गया।
घटना के बाद कुछ गौ सेवकों ने सांड के रेबीज से संक्रमित होने की आशंका जताई है। हालांकि, सांड के रेबीज संक्रमित होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसकी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आवारा पशुओं की समस्या पर उठे सवाल
घटना को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भी चिंता जताई है। उन्होंने राजधानी में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या को लेकर सरकार और नगर प्रशासन से सवाल किए और स्थायी समाधान की जरूरत बताई।
विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजधानी में आवारा पशुओं की समस्या का प्रभावी और स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की मांग
सांड के लगातार हमलों के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से आवारा पशुओं को लेकर प्रभावी अभियान चलाने और संवेदनशील इलाकों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल सांड को काबू में लिए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस घटना ने राजधानी में आवारा पशुओं के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।




