रायपुर : छत्तीसगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है। बारिश का मौसम समाप्त होने के साथ ही प्रदेश में बादलों की गतिविधियां कम होने लगी हैं। राजधानी रायपुर में सुबह के समय हवा में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, जबकि दिन में धूप के कारण गर्मी बनी हुई है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई है।
मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच लोगों को दिन की गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में 13 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
दिन में तेज धूप के बावजूद तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। सुबह के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। हालांकि, दिन और रात के तापमान में होने वाले बदलाव के बीच मौसम का असर अलग-अलग समय पर महसूस किया जा सकता है।
पिछले 24 घंटे में रायपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर में सबसे कम तापमान
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क बना रहा। इस दौरान रायपुर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
तापमान के इन आंकड़ों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अंतर का पता चलता है। मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी बनी हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में रात और सुबह के समय अपेक्षाकृत ठंडक महसूस होने लगी है।
अगले 5 दिनों तक आंधी-बारिश और बिजली गिरने की संभावना
मानसून की विदाई के बावजूद प्रदेश में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आज एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
अगले दो दिनों के दौरान भी इसी तरह की मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। विभाग ने अगले पांच दिनों के पूर्वानुमान में भी एक-दो स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के प्रति सतर्क रहना चाहिए। गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी है।
प्रदेश में अभी सक्रिय हैं मौसमी सिस्टम
मौसम में बदलाव के बीच उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उत्तरी ओडिशा, झारखंड और दक्षिण-पश्चिम बिहार होते हुए एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है।
इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वातावरण में नमी कम होने और हवा की दिशा उत्तर-पूर्व होने के साथ मौसम में आगे बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल, मानसून की विदाई के बाद भी छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।




