संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी नगरी : वनांचल एवं उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत मांदागिरी स्थित प्राचीन गौतम ऋषि पर्वत को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु आज जय गौतम ऋषि सेवा समिति मांदागिरी द्वारा जिला प्रशासन को विस्तृत प्लानिंग प्रस्ताव सौंपा गया।
समिति के अध्यक्ष मंगल सिंग नाग ने बताया कि जिला कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा द्वारा हाल ही में गंगरेल डुबान क्षेत्र एवं दुर्गम पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर पर्यटन को बढ़ावा देने की जो पहल की गई है, उससे प्रेरित होकर ग्रामीणों ने यह प्रस्ताव तैयार किया है।
प्रमुख मांगें
1. गौतम ऋषि पर्वत तक 12 किमी इको ट्रैकिंग रूट का विकास एवं मूलभूत सुविधाओं का विस्तार।
2. नगरी-करका-मांदागिरी से मेचका तक 55 किमी बारहमासी सड़क निर्माण।
3. सोढुर नदी एवं आमकड़ा नदी पर उच्च स्तरीय पुल-पुलिया निर्माण, जिससे बरसात में 15 से अधिक गांवों का संपर्क नहीं टूटेगा।
समिति ने बताया कि सड़क एवं पुल के अभाव में बरसात के 4 महीनों तक क्षेत्र का जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों एवं श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है। पर्यटन विकसित होने से स्थानीय आदिवासी युवाओं को गाइड, होम-स्टे एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे।
इस अवसर पर समिति के जनपद सदस्य सिरधन सोम, संत नेताम,राधिका नेताम, नरेश मांझी, संजय भंडारी, दुलछद कुंजाम, बीरबल पदमाकर, ईश्वरी नेताम, रेवा प्रसाद देवदास,श्री राम चिंडा, राजेश्वरी बाई करही, चंद्रकुमार, हिम्मत सिंग, दीनदयाल मरकाम, श्याम लाल मरकाम, धनेश मरकाम, लोविंद मरकाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।




