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सक्ती: 1 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में पूर्व एसडीएम इन्द्रजीत बर्मन समेत तीन को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

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सक्ती : जगदीश बंसल और तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) इन्द्रजीत बर्मन के बीच चल रहा कानूनी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बंसल की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर 13 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इन्द्रजीत बर्मन समेत तीन लोगों को नोटिस जारी किया है। याचिका में एक करोड़ रुपये के मानहानि हर्जाने की मांग की गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, संबंधित पक्षों को 28 नवंबर तक जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

क्या है पूरा मामला?

जगदीश बंसल की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, वर्ष 2018-19 में तत्कालीन एसडीएम इन्द्रजीत बर्मन ने व्यक्तिगत रंजिश के चलते उन्हें और उनके परिवार को कथित तौर पर परेशान किया। बंसल का आरोप है कि उन्हें विधि-विरुद्ध नोटिस भेजे गए और पांच लाख रुपये की अवैध मांग भी की गई थी। इन आरोपों के संबंध में बंसल ने बर्मन को कानूनी नोटिस भेजा था।

बंसल का दावा है कि कानूनी नोटिस मिलने के करीब एक सप्ताह के भीतर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई और उन्हें जेल जाना पड़ा। बंसल के अनुसार, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित एफआईआर को निरस्त कर दिया था। इसके बाद उन्होंने कथित बदले की भावना, पद एवं प्रभाव के दुरुपयोग और इससे हुए आर्थिक नुकसान तथा प्रतिष्ठा की क्षति का हवाला देते हुए एक करोड़ रुपये के मानहानि हर्जाने की मांग की।

निचली अदालतों से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे बंसल

प्रेस विज्ञप्ति में दी गई जानकारी के अनुसार, जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय में राहत नहीं मिलने के बाद जगदीश बंसल ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की। याचिका में एक करोड़ रुपये का हर्जाना दिलाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 को याचिका स्वीकार करते हुए न्यायालय ने इन्द्रजीत बर्मन समेत दो अन्य लोगों को नोटिस जारी किया और जवाब मांगा।

कार्यालय तोड़ने और पत्नी के खिलाफ एफआईआर का भी उल्लेख

बंसल की ओर से जारी जानकारी में तत्कालीन एसडीएम के खिलाफ अन्य कानूनी विवादों का भी उल्लेख किया गया है। दावा है कि बंसल के कार्यालय को तोड़ा गया था। इस मामले में राजस्व मंडल ने संबंधित निर्माण को बंसल की निजी भूमि पर स्थित मानते हुए उन्हें मुआवजा पाने का अधिकारी ठहराया है।

इसके अलावा, बंसल की पत्नी हेमलता के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने की बात कही गई है। बंसल के अनुसार, उनके और बर्मन के बीच अन्य मामले भी विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। कुछ प्रकरणों में उनके पक्ष में आदेश आने का भी दावा किया गया है।

28 नवंबर तक जवाब देने का निर्देश

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी नोटिस के बाद अब संबंधित पक्षों के जवाब पर आगे की कानूनी प्रक्रिया निर्भर करेगी। याचिकाकर्ता की ओर से रविन्द्र श्रीवास्तव, अंशुमान और अभिजीत श्रीवास्तव न्यायालय में उपस्थित रहे।

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