अमन पथ न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू :प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा नवरात्रि के अवसर पर आमा पारा स्थित आत्मज्ञान भवन में सजायी गई पांच देवियों की चैतन्य झाँकी अपनी अलौकिकता के कारण लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। इस झाँकी में संगीतमय कमेन्ट्री के माध्यम से विराजित शिवशक्तियों की महिमा का लाईट एण्ड साउण्ड के माध्यम से मनमोहक प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केन्द्र होती है।चैतन्य झांकी की विशेषता यह है कि इसमें पांचों देवियों के सजीव स्वरूपों के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है।
बी.के. पूर्णिमा दीदी ने झांकी का आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा कि देवियों को सदैव शिवशक्ति कहा जाता है, क्योंकि सभी देवियां परमात्मा शिव से शक्ति प्राप्त करके ही पूजनीय बनी हैं। परमात्मा शिव स्वयं निराकार हैं और वे अपने दिव्य कार्य को साकार करने के लिए मातृशक्ति को निमित्त बनाते हैं। उन्हें ज्ञान, शक्ति और पवित्रता प्रदान कर मानव कल्याण के कार्य में सहयोगी बनाते हैं। इसी कारण देवियों को शिवशक्ति के रूप में स्मरण किया जाता है।उन्होंने बताया कि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ उनके दिव्य गुणों को अपने जीवन में धारण करना भी आवश्यक है। मां दुर्गा शक्ति और निर्भयता, मां लक्ष्मी सुख-समृद्धि, मां सरस्वती ज्ञान एवं विवेक, मां काली विकारों पर विजय तथा मां उमा पवित्रता और तपस्या की प्रेरणा देती हैं। इन गुणों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति अपने विचारों, व्यवहार और संस्कारों को श्रेष्ठ बना सकता है।ब्रह्माकुमारीज की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों को इस आध्यात्मिक झांकी का अवलोकन करने के लिए आमंत्रित किया गया है। आज झांकी का अंतिम दिन है झांकी का आयोजन प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक किया जा रहा है।




