अमन पथ न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू : बालोद विकासखंड के ग्राम चारवाही में आयोजित होने वाली बालिका रामलीला क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस रामलीला की खास बात यह है कि इसमें सभी 25 पात्रों की भूमिका बालिकाएं ही निभाती हैं। विगत चार वर्षों से बालिकाएं लगातार रामलीला का मंचन करती आ रही हैं और भगवान श्रीराम की लीलाओं का जीवंत चित्रण कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ा रही हैं।बालिकाओं द्वारा रामलीला का मंचन करना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उनके आत्मविश्वास, प्रतिभा और सांस्कृतिक जागरूकता को भी प्रदर्शित करता है। इन बालिकाओं के प्रयास से गांव में धार्मिक वातावरण निर्मित होता है और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ने का अवसर मिलता है।ग्राम चारवाही मे आयोजित रामलीला आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, धर्म और मर्यादा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेष आकर्षण: कहते हैं रामलीला में भगवान राम के चरित्र को पुरुष ही निभाते आए हैं, लेकिन यहाँ की रामलीला इस परंपरा से अलग है। रामलीला के सभी 25 पात्रों का अभिनय बालिकाओं द्वारा किया जाना और चार वर्षों से इस परंपरा को निरंतर बनाए रखना अपने आप में एक प्रेरणादायक पहल है।यहाँ मंच पर सजने वाले सभी 25 पात्र बालिकाएं हैं। राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान से लेकर रावण तक – हर किरदार को ये बेटियाँ ही निभाती है।बालिकाओं के मुख से चौपाइयां और संवाद सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। समिति के अनुसार बेटियों को आगे बढ़ाने और सनातन संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई थी।




