संवाददाता राजू नाथ जोगी नगरी : नगरी विकासखण्ड नगरी क्षेत्र की आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मर्यादित साँकरा सोसायटी में नियमों को दरकिनार करने का मामला सामने आया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार संस्था में कार्यरत चपरासी (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) से 50-55 साल तक सेवा लेने के बाद विभाग ने नियमानुसार रिटायर कर दिया है, उसके बावजूद उसी से लगातार सेवा ली जा रही है, जो सहकारिता विभाग के नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है।
रिटायर होने के बाद भी रोज उसी कर्मचारी को खाद वितरण और ऑफिस कार्य करते हुए देखा जा रहा है। संस्था के रिकॉर्ड, गोदाम और अन्य कार्यों में नियमित कर्मचारी का होना जरूरी है, रिटायर्ड व्यक्ति से काम लेना अनियमितता है।
ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि अगर सोसायटी को उस कर्मचारी की इतनी ही जरूरत थी तो फिर उसे रिटायर ही नहीं करना था। रिटायर होने के बाद दोबारा कार्य करवाने से सोसायटी के ऊपर तो सवाल बनता ही है। आखिर सोसायटी समिति या प्रबंधक की ऐसी क्या मजबूरी है जो समझ से परे है?
किसानों ने आरोप लगाया कि –
1. शासकीय नियमानुसार सेवानिवृत्ति के बाद किसी भी कर्मचारी को सेवा में नहीं रखा जा सकता, इसके बावजूद साँकरा सोसायटी में नियमों की अनदेखी हो रही है।
2. रिटायर्ड चपरासी से सेवा लेने के कारण संस्था में पात्र बेरोजगार युवाओं को अवसर नहीं मिल रहा है, फिर बाकी बेरोजगार लोगों को समिति कब मौका देगी?
3.50-55 साल तक सेवा लेने के बाद भी दोबारा रखना बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि रिटायर्ड चपरासी कर्मचारी को तत्काल हटाया जाए, नहीं तो इसकी शिकायत कलेक्टर धमतरी से ग्रामीण करेंगे।
किसानों और ग्रामीणों ने कलेक्टर धमतरी एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं धमतरी से मांग की है कि साँकरा सोसायटी में इस पूरे मामले की जांच कर रिटायर कर्मचारी की सेवा तत्काल समाप्त कर नियमानुसार नई नियुक्ति की जाए।
कर्मचारी रिटायर्ड हो गये है लेकिन खाद की स्टाक के चलते किसानो को तकलीफ न हो करके इन्हे रखा गया था अब किसानो की समस्या भी नही और दस दिन के भीतर रिटायर्ड कर्मचारी को हटा दिया जायेगा
जीवन लाल साहू प्रबंधक सहकारी संस्था साकरा




