रायपुर : छत्तीसगढ़ में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मुंगेली और बिलासपुर जिले में दो उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति दी है। दोनों पुलों और उनके पहुंच मार्गों के निर्माण पर कुल 14 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृति आदेश जारी कर दिए हैं।
इनमें मुंगेली जिले के तखतपुर-बरेला मार्ग पर मनियारी नदी में मौजूदा जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण और बिलासपुर जिले के बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में नया उच्च स्तरीय पुल बनाना शामिल है। दोनों स्थानों पर पुलों के साथ पहुंच मार्ग भी तैयार किए जाएंगे।
मनियारी नदी पर पुल के लिए 7.67 करोड़ रुपये मंजूर
मुंगेली जिले में तखतपुर-बरेला राज्य मार्ग पर मनियारी नदी में मौजूदा जलमग्नीय पुल की जगह उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग बनाने के लिए 7 करोड़ 67 लाख 11 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
वर्तमान में जलमग्नीय पुल होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने पर इस मार्ग से आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहती है। उच्च स्तरीय पुल बनने से लोगों को अधिक सुरक्षित और सुगम आवाजाही की सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर सड़क संपर्क बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बिलासपुर के डोंगानाला पर बनेगा उच्च स्तरीय पुल
बिलासपुर जिले के बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 6 करोड़ 58 लाख 86 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
इस पुल के निर्माण से संबंधित मार्ग पर आवागमन बेहतर होने और स्थानीय लोगों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र की सड़क अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगा जोर
राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को दोनों निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग, नियमित निगरानी और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
दोनों पुलों के निर्माण से मुंगेली और बिलासपुर जिले में आवागमन की सुविधा बेहतर होने के साथ बारिश के दौरान सड़क संपर्क प्रभावित होने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।




