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26वें वर्ष भी कायम रही परंपरा, उल्लास और आस्था के साथ मना करवा चौथ का महापर्व

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WE क्लब की वरिष्ठ पदाधिकारी पम्मी अरोड़ा के निवास पर सुहागिन महिलाओं ने की करवा माता की सामूहिक पूजा-अर्चना, पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना

मनेन्द्रगढ़: भारतीय संस्कृति, अटूट दांपत्य प्रेम और पारिवारिक समृद्धि का प्रतीक करवा चौथ का पावन पर्व शहर में पारंपरिक श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में WE क्लब की वरिष्ठ पदाधिकारी पम्मी अरोड़ा के वार्ड क्रमांक 9 स्थित निवास पर लगातार 26वें वर्ष करवा चौथ का आयोजन किया गया। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में समाज के विभिन्न वर्गों की सुहागिन महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विधि-विधान से करवा माता की सामूहिक पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं पति की दीर्घायु की मंगलकामना की।

पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, आपसी सौहार्द और उत्सव का विशेष वातावरण देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की महत्ता को आत्मसात किया। लगातार 26 वर्षों से इस आयोजन का निर्वहन करना भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति महिलाओं की गहरी आस्था को दर्शाता है।

निर्जला व्रत रखकर की पति की दीर्घायु की कामना

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक और भावनात्मक महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं प्रातःकाल लगभग चार बजे उठकर सरगी ग्रहण करती हैं और इसके बाद दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को विधि-विधान से करवा माता की पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा के दौरान महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, दांपत्य जीवन में सुख-शांति और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। पूजा संपन्न होने के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।

महिलाओं की रही उत्साहपूर्ण सहभागिता

पम्मी अरोड़ा के निवास पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में नीलम इलाबादी, सुप्रिया, प्रिया शाह, सिमरन गंभीर, शिवांगी, दीक्षा, रितु दुआ, अनुष्का दुआ, रिचा दुआ, ममता सोनी, स्वीटी, सुषमा मिनोचा, गुड़िया, रूबी, बेबी अरोड़ा, हैप्पी अरोड़ा, अनीता दुआ, श्वेता चावला और सिमरन अरोड़ा सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।

पूजा-अर्चना का कार्य पिंटू त्रिपाठी ने विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। सामूहिक पूजा के माध्यम से महिलाओं ने अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त की और पारंपरिक पर्व को आपसी प्रेम, एकता एवं उत्साह के साथ मनाया।

आस्था और परंपरा का अनूठा संगम

लगातार 26 वर्षों से आयोजित हो रहा यह करवा चौथ समारोह न केवल धार्मिक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी एक सराहनीय प्रयास है। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारतीय त्योहार पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और एकजुटता की भावना को भी प्रगाढ़ बनाते हैं।

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