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शराब से कोयले और मेडिकल घोटाले तक… EOW ने एक साथ 16 ठिकानों पर मारा छापा, मिले अहम दस्तावेज

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच तेज करते हुए राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बड़ी कार्रवाई की। ब्यूरो की अलग-अलग टीमों ने शराब घोटाला, कोल लेवी घोटाला और मेडिकल घोटाले से जुड़े मामलों में प्रदेश के छह जिलों के 16 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

इस कार्रवाई के दायरे में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, कोरबा और गरियाबंद जिले शामिल रहे। तलाशी के दौरान जांच टीम ने वित्तीय लेन-देन, कथित अनियमितताओं और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ डिजिटल उपकरण तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल बरामद सामग्री की जांच और विश्लेषण किया जा रहा है।

शराब घोटाले में रायपुर और राजनांदगांव के 6 ठिकानों पर तलाशी

शराब घोटाले से संबंधित अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत EOW ने रायपुर और राजनांदगांव जिले में कुल छह स्थानों पर तलाशी ली। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज है।

जांच के दौरान टीम ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और संबंधित लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों की तलाश की। तलाशी में प्राप्त सामग्री को आगे की विवेचना के लिए जांच के दायरे में लिया गया है।

कोल लेवी घोटाले में चार जिलों में कार्रवाई

कोल लेवी घोटाले के अपराध क्रमांक 03/2024 के तहत ब्यूरो की टीमों ने कोरबा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जिलों में छह ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अलावा धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच जारी है। तलाशी के दौरान वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों सहित अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं।

मेडिकल घोटाले में रायपुर-गरियाबंद के 4 ठिकानों पर छापा

मेडिकल घोटाले से जुड़े अपराध क्रमांक 05/2025 में EOW ने रायपुर और गरियाबंद जिले के चार स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई की। इस मामले में भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज है।

जांच टीम ने संबंधित ठिकानों से दस्तावेज और अन्य सामग्री जुटाई है, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।

रजिस्ट्री के कागजात और डिजिटल उपकरणों की जांच

EOW के मुताबिक, तीनों मामलों में तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, संपत्तियों की रजिस्ट्री के कागजात और डिजिटल उपकरणों का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। जांच एजेंसी का मानना है कि इन सामग्रियों से वित्तीय लेन-देन और संबंधित गतिविधियों की कड़ियों को समझने में मदद मिल सकती है।

ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छह जिलों के 16 ठिकानों से जुटाए गए साक्ष्यों का परीक्षण जारी है।

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