विधायक भईया लाल राजवाड़े ने किया जिला स्तरीय समारोह का शुभारंभ, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां; कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने दिया सशक्त नारी और युवा उड़ान का संदेश
बैकुंठपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण होने का उत्साह सोमवार को कोरिया जिले में देखते ही बना। बैकुंठपुर के रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित मिनी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और विकास की झलक एक साथ देखने को मिली। पंथी, सुआ नृत्य और जसगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समारोह में ऐसा रंग जमाया कि पूरा परिसर छत्तीसगढ़ी संस्कृति के उल्लास से सराबोर हो उठा। विधायक भईया लाल राजवाड़े ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। बड़ी संख्या में पहुंचे जिलेवासियों ने कलाकारों और स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राज्यगीत के साथ हुई। इसके बाद स्थानीय कलाकारों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। पंथी नृत्य की पारंपरिक लय, सुआ नृत्य की मनमोहक अदाएं और जसगीत की भक्तिमय धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं बच्चों द्वारा ‘शिवा महादेवा’ गीत पर प्रस्तुत आकर्षक नृत्य ने विशेष छाप छोड़ी। पूरा मिनी स्टेडियम छत्तीसगढ़ी कला, संस्कृति और परंपराओं के रंग में रंगा नजर आया।
26 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास की नई ऊंचाइयां छुईं : विधायक राजवाड़े
मुख्य अतिथि विधायक भईया लाल राजवाड़े ने जिलेवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बीते 26 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब कोरिया जिले और प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सभी नागरिकों की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने भरतपुर-सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह की ओर से भी जिलेवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं।
महिलाओं को समान अवसर और युवाओं के सपनों को उड़ान देना प्राथमिकता : कलेक्टर
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्योत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गौरव, संघर्ष, उपलब्धियों और सुनहरे भविष्य के संकल्प का पर्व है। राज्य निर्माण के पीछे जो सपने और आकांक्षाएं थीं, उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी आज हम सभी की है। छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकगीतों, लोकनृत्यों, परंपराओं और त्योहारों से है।
उन्होंने कहा कि कोरिया की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विरासत और मेहनतकश लोग जिले की सबसे बड़ी ताकत हैं। पर्यटन सहित विकास के विभिन्न क्षेत्रों में जिले में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
इस वर्ष आयोजन की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ पर प्रकाश डालते हुए कलेक्टर ने कहा कि महिलाओं में ऊर्जा, जुनून और अपनी अलग पहचान बनाने की अद्भुत क्षमता है। उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो परिवार मजबूत होता है और समाज प्रगति करता है। इसी तरह युवाओं को शिक्षा, कौशल और बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को देश की तरक्की से जोड़ना होगा। हमारा प्रयास है कि जिले की प्रत्येक महिला, युवा और बच्चा विकास की यात्रा में सहभागी बने।
उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। वहीं विभागीय प्रदर्शनी के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी मिलती है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
विकास प्रदर्शनी में दिखी शासन की योजनाओं और उपलब्धियों की झलक
समारोह के दौरान विधायक भईया लाल राजवाड़े ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल और विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, जिले में संचालित विकास कार्यों, विभागीय उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी प्रदर्शित की गई। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिलेवासियों से ऐसे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया, जहां महिलाओं को सम्मान और समान अवसर मिले, युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिले तथा प्रत्येक नागरिक को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, नगर पंचायत पटना अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सिंह, गणमान्य नागरिक देवेंद्र तिवारी, कृष्ण बिहारी जायसवाल, शैलेष शिवहरे सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में जिलेवासी उपस्थित रहे।
राज्योत्सव ने दिया एकता और विकास का संदेश
कोरिया का जिला स्तरीय राज्योत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान, विकास की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को भी मंच प्रदान किया। लोकसंस्कृति की मधुर धुनों के बीच सशक्त नारी, आत्मनिर्भर युवा और विकसित जिले का संकल्प समारोह का प्रमुख संदेश बनकर उभरा।




