बेमेतरा : जिले में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं को गति देने और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने समीक्षा शुरू कर दी है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न पेयजल योजनाओं की प्रगति, भुगतान और रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में समूह जलप्रदाय योजनाओं की स्थिति और टीपीआई (TPI) देयकों के भुगतान की समीक्षा की गई। इसके साथ ही 8 सितंबर के बाद प्राप्त बजट आवंटन और किए गए भुगतानों के अनुमोदन पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के नियमित संचालन और समय पर रखरखाव सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
गांवों में जलापूर्ति बाधित न हो, सतत निगरानी के निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि जिले के प्रत्येक घर तक शुद्ध और नियमित पेयजल पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी गांव में पानी की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए योजनाओं के संचालन और रखरखाव की लगातार निगरानी की जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
बैठक में नल जल मित्रों को भी गांवों में लोगों को जागरूक करने और पेयजल योजनाओं के सुचारु संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में जिला चिकित्सा एवं मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े, जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल, जल संसाधन विभाग के हिमांशु सोनकर और विद्युत मंडल से गुलाब राम साहू सहित कृषि, वन, क्रेडा, महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता जे.पी. गोंड सहित विभागीय टीम भी बैठक में शामिल हुई।




