
रिपोर्टर मुन्ना पांडेय,सरगुजा लखनपुर :31 जनवरी को नाम वापसी तथा पार्टी गत चुनाव चिन्ह मिलने के बाद से नगर पंचायत लखनपुर में चुनावी कोलाहल मच गया है। महिला सीट होने कारण भाजपा कांग्रेस तथा निर्दलीय मिलाकर तीन नेत्रियों के बीच कांटे का मुकाबला है। वहीं 15 वार्डों के लिए नये पुराने चेहरे वाले 32 पार्षद पद के उम्मीदवार मैदान में हैं।बता दें कि अध्यक्ष एवं पार्षद पद के प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंद्वीयो को निशाने में रखकर प्रचार प्रसार करने लगे हैं। भाजपा से पूर्व नपं अध्यक्ष श्रीमती सावित्री दिनेश साहू, कांग्रेस से नगर पंचायत नेता प्रतिपक्ष के सुपुत्री श्रीमती शिखा जायसवाल तथा पूर्व नपं अध्यक्ष विश्वनाथ गुप्ता के पुत्र वधू श्रीमती अनिशा गुप्ता चुनावी मैदान में डटे हुये अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे हैं।
वहीं वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवार भी अपने अपने चुनाव चिन्ह के साथ मतदाताओं के घरों में दस्तक देने लगे हैं । अध्यक्ष पद के महिला प्रत्याशी नगर के सभी 15 वार्डों में मतदाताओं के बीच पहुंच लोक लुभावन वादे के साथ अपने पक्ष में वोटिंग करने अपील कर रहे हैं।
नगर पंचायत चुनावी कुरुक्षेत्र में प्रत्याशी अपने विरोधी को मात देने चुनावी चक्रव्यूह की रचना कर मतदाताओं को लुभाने हर संभव प्रयास में लगे हुये हैं ।
चूंकि 11 फरवरी को मतदान होना है। नगर अध्यक्ष के इस त्रिकोणीय जंग मे प्रत्याशी सुनियोजित तरीके दांव-पेंच चलते हुए एक दूसरे को मात देने के फिराक में लगे हुए नजर आने लगे हैं।
नगर पंचायत के गली कुचो में सब तरफ चुनावी कोलाहल मची हुई है। फ्लेक्सी पोस्टर से सुसज्जित वाहनों में लाउडस्पीकर से प्रचार की जा रही है।
उमीदवारी कर रहे प्रत्याशियों के पक्षधर हार-जीत की चर्चा करते नहीं थक रहे। आम नगर वासियों का मानना है– भाजपा प्रत्याशी श्रीमती सावित्री दिनेश साहू को महतारी वंदन, प्रधानमंत्री आवास, योजना ,राशनकार्ड पेंशन, आयुष्मान कार्ड जैसी सरकार के सभी प्रमुख योजनाओं का लाभ मिलेगा। सरकार की उपलब्धियां इनके जीत हासिल करने में सहायक साबित हो सकती हैं।
राज्य एवं केन्द्र में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार होने से नगरीय निर्वाचन में श्रीमती साहू के जीत का रास्ता साफ माना जा रहा है।
यदि बात की जाये कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती शिखा जायसवाल की तो इनकी भी तारीफ मतदाताओ के लबों पर बनी हुई है। क्योंकि रमेश जायसवाल कांग्रेस नेता होने के साथ नगर पंचायत नेता प्रतिपक्ष भी रहे है। इनके जनाधार की जमीन काफी मजबूत मानी जा रही है। समर्थको का कहना है सेवा भाव इनके रगो में लहू बनकर दौड़ता है। जो इनके सुपुत्री के लिए असरदार साबित होगा।
रमेश जायसवाल पूर्व में जंप सदस्य तथा पचायत सरपंच भी रह चुके हैं । इन्हीं तथ्यों को उनके प्रत्याशी पुत्री के जीत से जोड़ कर देखा जा रहा है।
इसके अलावा पूर्व नपं अध्यक्ष विश्वनाथ गुप्ता के पुत्र वधू श्रीमती अनिशा गुप्ता की बात करें तो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड रही है। नगर पंचायत चुनावी माहौल को एक नया मोड़ दे दिया है। भाजपा तथा कांग्रेस प्रत्याशीयों पर दबदबा बनाए हुये उनके दिलो की धड़कनें बढ़ा दी है।
भले ही नगर पंचायत सिंहासन पर इनकी ताज पोशी हो – न- हो वोट काटने में इनकी अहम भूमिका मानी जा रही है। और यदि मतदाताओं का सहयोग मिला तो इनकी जीत निश्चित मानी जा रही है।
नगरवासियों के जुबान पर पूर्व नपं अध्यक्ष विश्वनाथ गुप्ता के पिछले अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान नगर पंचायत में
हुये विकास कार्यों का जिक्र उनके समर्थकों के मेहफिल में होने लगा है। तीनों अध्यक्ष पद के दावेदारो के खूबियों की तुलनात्मक चर्चाएं नगर के गली कूचो में सब तरफ छाई हुई है।
जानकारी के मुताबिक विश्वनाथ गुप्ता 1980 से लेकर अब तक के दौर में भाजपा समर्थित रहे है ।
लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिलने कारण असंतुष्ट होकर अंजाम का फ़िक्र किये बिना पार्टी से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपने पुत्र वधू श्रीमती अनिशा गुप्ता को चुनावी मैदान में उतारा है ।
चुनाव पथ बेहद चुनौती पूर्ण है लेकिन अपने हौसले तथा मतदाताओं के एतबार पर चुनाव लड रहे है। विश्वनाथ गुप्ता काफी सुलझे हुए नगर पंचायत के क्रिया कलापों से बखूबी वाकिफ मानें जा रहे हैं।
निर्दलीय उम्मीदवार श्रीमती अनिशा गुप्ता के उम्मीदवारी को नगर पंचायत में सियासी मोड़ देने के नजरिए से अहम माना जा रहा है।
साथ ही श्रीमती अनिशा गुप्ता (निर्दलीय) सरकार के कल्याणकारी योजनाओं को नगर वासियों तक पहुंचाने के अलावा नगर में तेजी से विकास कार्य कराने के दावे कर रही है। पूर्व नपं अध्यक्ष गुप्ता के अतीत के क्रिया कलापों का जादू नगर मतदाताओं को कितना प्रभावित करती है चुनाव नतीजा आने के बाद मालूम हो सकेगा। फिलहाल तो भाजपा कांग्रेस प्रत्याशीयों को इनके चुनाव लडने से काफी क्षति होने की आशका जताई जा रही है।
बाद इसके भाजपा नेत्री श्रीमती सावित्री दिनेश साहू को जीत के बहुत करीब देखा जा रहा है।
15 फरवरी को मतगणना (काउंटिंग) के साथ धूध छंट जाएगा। नगरीय संग्राम का महानायक कौन रहा वक्त आने पर सभी आमो-खास को मालूम हो सकेगा। बीते पंचवर्षीय नगर चुनाव तथा नगर पंचायत के तख्तोताज पर आसीन रहे हस्तियों के कार्यकाल में नगर व्यवस्था का जिक्र भी लोगों के जुबान पर गाहे-बगाहे बीच-बीच में हो रही है ।
इस चुनाव से नगर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। बहरहाल नगर लखनपुर के फिजा में चारों तरफ चुनावी शोर गुंजने लगी है।
सूरत-ए-हाल ऐसा है नगर पंचायत में सियासी सरगर्मी काफी तेज हो गई है। लिहाजा प्रत्याशी लोक लुभावन वादे तथा दावे के साथ मतदाताओं के दहलीज तक पहुंचने लगे हैं।
मतदान तारीख तक प्रचार प्रसार का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। अध्यक्ष पार्षद के प्रत्याशी भाग्य आजमाने में लगे हुए हैं।



