
बिलासपुर : बिलासपुर जिले में निकाय और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कांग्रेस में विवाद और खींचतान का शुरू हुआ दौर अब तक जारी है। टिकट वितरण के बाद से ही आरोप- प्रत्यारोप शुरू हो गया था।
इसके बाद असंतोष के कारण कई पूर्व पार्षद और निर्दलीय मैदान में उतर गए, तो कुछ ने निर्दलियों का समर्थन कर दिया। इसके बाद से खुलाघात या भीतरघात के आरोप में 60 से ज्यादा कांग्रेसियों को निष्कासित कर दिया गया। आपसी खींचतान का असर भी चुनाव नतीजों पर दिख रहा है।
अभी भी कई रडार में
कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि जिसके खिलाफ भी भीतरघात या अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम करने की शिकायत मिलेगी, उसको प्रदेश पदाधिकारियों से मिले निर्देश के अनुसार तत्काल 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। इससे अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ प्रसार प्रचार करने वाले अभी भी कार्रवाई के रडार में हैं। प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण, पूर्व शहर अध्यक्ष सीमा पाण्डेय समेत कई पुराने कांग्रेसियों के निष्कासन से भी यह संदेश गया है कि पार्टी विरोध की शिकायत मिलने पर किसी को बक्शा नहीं जाएगा।



