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राहुल गांधी के बयान पर मायावती का तीखा पलटवार, कहा- ”कांग्रेस ‘जातिवादी” और ‘दोहरे चरित्र” वाली पार्टी”

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लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया है। एक्स पर एक पोस्ट में मायावती ने लिखा, “यह आम चर्चा है कि इस बार कांग्रेस ने भाजपा की बी टीम के रूप में दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसकी वजह से भाजपा यहां सत्ता में आई है। अन्यथा, इस चुनाव में कांग्रेस की हालत इतनी खराब नहीं होती कि यह पार्टी अपने अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत भी नहीं बचा पाती।

राहुल गांधी अपने गिरेबान में झांकेः मायावती

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय आत्मनिरीक्षण करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “बेहतर होगा कि इस पार्टी के सर्वोच्च नेता राहुल गांधी दूसरों पर और खासकर बीएसपी प्रमुख पर किसी भी मामले में उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांक लें। यही मेरी उन्हें सलाह है। बसपा प्रमुख मायावती ने शुक्रवार अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक के बाद एक कई ट्वीट किए और कांग्रेस पर निशाना साधा।

मायावती ने बीजेपी को दी ये सलाह

बसपा प्रमुख ने एक अन्य पोस्ट में भाजपा को सुझाव दिया कि दिल्ली में बनी नई भाजपा सरकार के सामने चुनाव में किए गए अपने तमाम वादों को समय से पूरा करने की चुनौती है, वरना आगे चलकर इस पार्टी का भी हाल कहीं कांग्रेस जैसा बुरा ना हो जाए।

राहुल गांधी की इस बात पर भड़की मायावती

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली में दलित छात्रों के एक समूह से बातचीत में कहा था कि उन्हें पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में मायावती की अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीजेपी विरोधी इंडिया गठबंधन में शामिल नहीं होने से निराशा हुई थी। गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया था कि अगर मायावती इंडिया ब्लॉक से दूर नहीं रहतीं तो भाजपा 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं जीत पाती।

राजभर ने कांग्रेस-सपा को बीजेपी की ‘बी’ टीम बताया

बीएसपी प्रमुख मायावती के बयान पर यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “कांग्रेस और सपा दोनों ही बीजेपी की बी टीम हैं। समय-समय पर दोनों ही बीजेपी की मदद करती हैं। कांग्रेस ने दिल्ली चुनाव में बीजेपी की मदद की। जब कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के दौरान बीएसपी से हाथ मिलाने की कोशिश की तो सपा ने इसका विरोध किया। कांग्रेस को दिल्ली चुनाव के दौरान अकेले लड़ने के बजाय समझौता करना चाहिए था।

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