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एएम/एनएस इंडिया का CSR प्रयास: छत्तीसगढ़ के गांवों में नई रोशनी, नए सपने

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एस एच अज़हर दंतेवाडा  : छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों में जब एक बच्चा बिना चश्मे के धुंधली दुनिया देखता है, जब एक किसान अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित होता है, जब कोई बीमार व्यक्ति सही इलाज के इंतजार में उम्मीद भरी निगाहों से देखता है—तब एएम/एनएस इंडिया अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत आगे बढ़कर इन जिंदगियों में रोशनी लाने का संकल्प लेती है।

हम केवल विकास की बातें नहीं करते, हम इसे धरातल पर उतारते हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, खेल, संस्कृति, आधारभूत संरचना और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदूर गाँवों तक पहुँचाकर हम एक बेहतर कल का निर्माण कर रहे हैं। हमारे उन चेहरों पर मुस्कान लाना है, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

स्वास्थ्य: हर मुस्कान की कीमत जानते हैं हम

जब स्वास्थ्य सही होता है, तभी सपने साकार होते हैं। हमारी ‘आरोग्य’ परियोजना के तहत किरंदुल बस्ती, मिश्रा कैंप और पटेलपारा जैसे क्षेत्रों में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए, जिनका लाभ 189 ग्रामीणों को मिला। ‘बाल ज्योति’ के तहत 3,845 बच्चों की आंखों की जांच हुई और 281 बच्चों को निशुल्क चश्मे मिले—अब वे साफ और उज्ज्वल भविष्य देख सकते हैं। सुकमा में दिव्यांगजनों को जिला पुनर्वास केंद्र (DDRC) के माध्यम से कृत्रिम अंग और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं मिलीं, जिससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई किरण आई।

शिक्षा: उज्जवल भविष्य की ओर एक कदम

हम मानते हैं कि हर बच्चा पढ़ेगा, तभी देश बढ़ेगा। ‘पढ़ेगा भारत’ अभियान के अंतर्गत किरंदुल के प्रकाश विद्यालय के 35 मेधावी छात्रों और गणतंत्र दिवस पर जिले के 32 टॉपर्स को ‘ज्ञान ज्योति टॉपर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। दंतेवाड़ा जिले की 67 ग्राम पंचायत पुस्तकालयों को लैपटॉप प्रदान कर डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया, जबकि सुकमा जिले में 230 छात्रों को स्टेशनरी और शैक्षणिक सामग्री दी गई। सुकमा में तीन नए स्कूल भवनों के निर्माण से 400 छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा।

आजीविका: आत्मनिर्भर गाँव, सशक्त किसान

हम सिर्फ मदद नहीं करते, बल्कि आत्मनिर्भरता की राह दिखाते हैं। किसानों के लिए सब्जी उत्पादन और मशरूम की खेती को प्रोत्साहित किया गया। किरंदुल और दंतेवाड़ा में नर्सरी स्थापित कर चार किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला, जबकि फुलपाड़ गाँव में मशरूम की खेती से ग्रामीणों को वैकल्पिक आय का जरिया मिला। सामुदायिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दुर्वारस, कशेरगुड़ा, गादीरस और झलियारस गाँवों में सामुदायिक रसोई के लिए बर्तन और टेंट सामग्री वितरित की गई।

खेल और संस्कृति: सपनों को पंख देने की पहल

हम मानते हैं कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन का जरिया है। दंतेवाड़ा के गोंडवाना समाज वार्षिक उत्सव में 500 से अधिक लोगों की भागीदारी रही, अरविंद कॉलेज के वार्षिक खेल समारोह में 300 विद्यार्थियों को पुरस्कार मिले, और चितरकोंडा में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट में 10 गाँवों के 100 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

पर्यावरण संरक्षण: हर गाँव रोशन, हर रास्ता सुरक्षित

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए रालेगाड़ा, चिंतानडोली और अन्य गाँवों में 24 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं, जिससे 3,000 ग्रामीणों को लाभ मिला और गाँवों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई।

एएम/एनएस इंडिया का यह सफर सिर्फ विकास परियोजनाओं का नहीं, बल्कि लोगों की आशाओं को साकार करने का है। हम भविष्य में भी अपने प्रयासों को और मजबूत करेंगे, ताकि हर गाँव में खुशहाली की रोशनी फैले और हर व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सके। हमारा प्रयास, आपके सपनों की उड़ान!

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