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लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रो. माद्री काकोटी पर FIR, पहलगाम हमले पर लगातार बोल रही थीं

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खनऊ यूनिवर्सिटी की अस्टिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. प्रोफेसर काकोटी ने पहलगाम हमले के बाद से लगातार सरकार और मीडिया की आलोचना करते हुए कई सोशल मीडिया पोस्ट किए हैं.

ये पोस्ट पहलगाम आतंकी हमले, कश्मीर और हिंदू-मुसलमान जैसे मुद्दों को लेकर किए गए थे. अपने पोस्ट में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और देश की खुफिया एजेंसियों पर भी सवाल उठाए. इसके बाद उनके खिलाफ लखनऊ पुलिस में शिकायत दी गई, जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई है.

इंडिया टुडे से जुड़े अंकित मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी ने एक्स पर @ms_medusssa हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया. इसमें उन्होंने लिखा,

धर्म पूछकर गोली मारना आतंकवाद है. और धर्म पूछकर लिंच करना, धर्म पूछकर नौकरी से निकालना, धर्म पूछकर घर न देना, धर्म पूछकर घर पर बुलडोजर चलाना भी आतंकवाद है.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े जतिन शुक्ला का आरोप है कि प्रोफेसर काकोटी का यह बयान अब देश में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने पुलिस में दी शिकायत में दावा किया है कि पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस पोस्ट को बड़े पैमाने पर शेयर किया जा रहा है.

शिकायतकर्ता ने कहा कि पाकिस्तान के @PTI_Promotion यूजरनेम के एक्स हैंडल से डॉ. काकोटी का एक वीडियो री-पोस्ट किया गया है, जिसमें उन्होंने ‘भगवा-आतंकवादी’ शब्द का इस्तेमाल किया है.

इस्लामिक आतंकवादी में और आम मुसलमान में उतना ही फर्क है, जितना सैफरन आतंकवादी (भगवा आतंकवादी) और आम हिंदू में होता है. इन इस्लामिक आतंकवादियों ने इस बात का फायदा उठाने की कोशिश की है कि इस वक्त भारत में हिंदू-मुसलमान की एकता बिल्कुल बर्बाद हो चुकी है. एक फासीवादी सरकार ने नफरत के सांप को आस्तीन में दूध पिला-पिलाकर बड़ा किया है. उसी सांप को उकसा कर देश में एक अशांति का माहौल पैदा करना, डर का माहौल पैदा करना और एक दूसरे के प्रति अविश्वास का माहौल पैदा करना इस्लामिक आतंकवादियों का मूल लक्ष्य है और इसी वजह से यह अटैक पूरे भारत पर एक अटैक है.

उन लोगों से एक वाजिब सवाल नहीं पूछा जो इसके जिम्मेदार हैं. इंटिलेजेंस और इंटर्नल सिक्योरिटी में इतनी बड़ी चूक हो गई और होम मिनिस्टर को पता तक नहीं था कि सरकार इन सब चीजों की ज़िम्मेदार नहीं है, तो फिर सरकार करती क्या है? यह अटैक हिंदुस्तान की इंटर्नल सिक्योरिटी में बड़ी चूक है. वो सिक्योरिटी जिसकी जिम्मेदार भारत की सरकार है, अमित शाह हैं, रक्षा मंत्री हैं. वो सरकार जो पिछले दस साल से, पिछले बारह साल से चिल्ला-चिल्ला के कह रही है, देश खतरे में है, देश खतरे में है, देश खतरे में है, देश खतरे में है, तो तुमने खतरे को बचाने के लिए क्या किया?

अब जतिन शुक्ला की शिकायत के आधार पर काकोटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं- 197(1), 353(2), 196(1)a, 352, 302, 152, 69a के तहत केस दर्ज किया गया है.

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