
देश भर में जहां डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं एक बड़ा फैसला महाराष्ट्र के नागपुर से सामने आया है, जिसने रोजाना पेट्रोल पंप पर जाने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
मोबाइल स्कैन कर पेट्रोल भरवाने वाले वाहन चालकों के लिए अब मुश्किल खड़ी होने वाली है, क्योंकि नागपुर के सभी पेट्रोल पंपों पर डिजिटल पेमेंट बैन कर दिया गया है। जी हां, अगर आप नागपुर में रहते हैं और पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपको परेशान कर सकती है।
अब नागपुर में केवल कैश से मिलेगा ईंधन! विदर्भ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि 10 मई 2025 से नागपुर के सभी पेट्रोल पंपों पर डिजिटल पेमेंट को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि अब पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए आपको कैश लेकर जाना जरूरी होगा, वरना आपको ईंधन नहीं मिलेगा। फिलहाल लोग पेटीएम, गूगल पे, फोनपे, कार्ड आदि के जरिए भुगतान करते हैं, लेकिन यह सुविधा कुछ ही दिनों में बंद हो जाएगी। पेट्रोल पंप संचालकों ने पहले से ही ग्राहकों को सतर्क करना शुरू कर दिया है।
क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला? यह निर्णय किसी तकनीकी खराबी या सरकारी आदेश के तहत नहीं लिया गया, बल्कि पेट्रोल पंप मालिकों की साइबर फ्रॉड से तंग आकर लिया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ समय में लगातार ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोग नकली या फर्जी डिजिटल ट्रांजेक्शन दिखाकर पेट्रोल भरवा लेते हैं। इसके बाद वे राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर झूठी शिकायत दर्ज करवा देते हैं कि उनका पैसा काट लिया गया, जिससे पेट्रोल पंप मालिकों के बैंक खाते सीज (फ्रीज़) हो जाते हैं। इसके चलते पेट्रोल पंप के संचालन पर बड़ा असर पड़ा है। बिजनेस में नुकसान झेल रहे डीलर अब किसी भी तरह की डिजिटल पेमेंट स्वीकार नहीं करेंगे और केवल नकद भुगतान को ही मंजूरी देंगे।
आम लोगों पर असर नागपुर के लाखों लोगों के लिए यह फैसला असुविधाजनक साबित हो सकता है, खासकर उनके लिए जो कैश नहीं रखते और UPI के आदी हो चुके हैं। यात्रियों और डिलीवरी सेवाओं से जुड़े लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो सकती है।



