Home छत्तीसगढ़ पति की लम्बी उम्र के लिए सुहागिनों ने किये वट सावित्री पूजा

पति की लम्बी उम्र के लिए सुहागिनों ने किये वट सावित्री पूजा

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रिपोर्टर मुन्ना पांडेय सरगुजा : सनातन से चली आ रही परम्परा को कायम रखते हुए नगर सहित आसपास ग्रामीण इलाकों में 26 मई दिन सोमवार को सुहागिन महिलाओं ने अपने सुहाग रक्षा के लिए वट सावित्री का व्रत किया। लखनपुर के प्राचीन स्वयं- भू- शिव मंदिर तथा प्राचीन महामाया मंदिर प्रांगण में स्थित बरगद पेड़ के नीचे एकत्रित हो उपासक महिलाओं ने पंडित पुजारियों के मुखारविंद से उच्चरित वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा अर्चना कर वट वृक्ष में धागा लपेट सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद वटसावित्री की कथा सुन सुहाग रक्षा के लिए वरदान मांगे। पौराणिक मान्यतानुसार देवी सावित्री ने अपने सतीत्व के तपोबल से अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लौटा लाई थी। यमराज ने भी सावित्री के दृढ़ता को सराहा और सत्यवान को जीवन दान दे दिया था। सावित्री के प्रेम तप से सत्यवान की मृत्यु टल गई थी।

तब से महिलाएं सावित्री की तरह अपने पति की लम्बी उम्र के लिए वट सावित्री व्रत करती है। जो पति के दीर्घायु होने तथा अटल प्रेम का प्रतीक माना जाता है। दरअसल यह व्रत हर साल ज्येष्ठ मास के अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना के लिए उपवास रखती हैं और वटवृक्ष की पूजा करती हैं। वट सावित्री व्रत नगर लखनपुर सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह के साथ मनाया गया।

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