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कोरोना फिर बनेगा बड़ा खतरा? भारत में एक्टिव मामले 3300 के पार, 8 राज्यों में 100 से अधिक केस..

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देश में एक बार फिर कोरोना की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है. पिछले कुछ हफ्तों से संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है. देशभर में सक्रिय मरीजों की संख्या 3300 के पार पहुंच गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट JN.1 के फैलने से स्थिति फिर गंभीर हो सकती है. कोरोना के मरीजों में बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी अलर्ट मोड में आ गई है. देश में 8 राज्य ऐसे हैं जहां कोरोना के मरीजों की संख्या 100 से अधिक पहुंच गई है. इनमें कुछ राज्यों में मौत भी दर्ज की गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल, दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक ऐसे राज्य हैं जहां 100 से अधिक सक्रिय कोविड-19 मामले दर्ज किए गए हैं. इन राज्यों में कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. देशभर में ऐसे कुल 8 राज्य हैं जहां अब तक 100 से अधिक केस दर्ज किए गए हैं, जिससे संक्रमण का खतरा फिर मंडराने लगा है.

ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट JN.1 का प्रसार:-  ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट JN.1, जो पहले केरल में पाया गया था, हाल ही में अन्य राज्यों में भी फैल रहा है. इससे संक्रमण दर में वृद्धि हो रही है और स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. माना जा रहा है कि कोरोना का ये जेएन1 वैरिएंट पहले के बाकी वायरसों की तुलना में ज्यादा तेजी से फैल रहा है इसलिए मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

कर्नाटक सरकार ने छात्रों के लिए जारी एडवाइजरी:- राज्य में कोविड-19 की स्थिति और स्कूलों के फिर से खुलने के मद्देनजर, कर्नाटक सरकार ने अभिभावकों से कहा है कि अगर उनके बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य लक्षण हैं, तो उन्हें स्कूल न भेजें. शुक्रवार देर रात जारी सर्कुलर में समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा गया है कि अगर स्कूली बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य लक्षण पाए जाते हैं, तो बच्चों को स्कूल न भेजें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उचित उपचार और देखभाल के उपाय अपनाएं. स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि अगर बच्चे बुखार, खांसी, जुकाम और अन्य लक्षणों के साथ स्कूल आते हैं, तो उनके माता-पिता को सूचित करें और उन्हें घर वापस भेज दें. विभाग ने कहा कि अगर स्कूल के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों में ये लक्षण पाए जाते हैं, तो उन्हें उचित एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी जानी चाहिए.

सरकार बोली- किसी भी स्थितियों से निपटने में सक्षम:- जाधव ने बताया कि सरकार ने पिछली कोविड लहरों से मिले अनुभव के आधार पर तैयारियां तेज कर दी हैं. उन्होंने कहा कि हमने पहले से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड, और अन्य बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे की समीक्षा कर ली है. हमारी स्वास्थ्य प्रणालियां पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी उभरती स्थिति से निपटने में सक्षम हैं. मंत्री ने बताया कि केंद्र ने राज्य स्तरीय स्वास्थ्य सचिवों, आयुष सचिवों और संबंधित मंत्रियों से भी बातचीत की है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संभावित स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे.

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